
नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष शास्त्र (Vedic astrology) में ग्रह के राशि परिवर्तन, मार्गी व वक्री अवस्था में आने का सीधा असर मानव जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में ग्रह (Planet) के मार्गी होने का अर्थ सीधी चाल और वक्री चाल का मतलब उल्टी चाल होती है। शुक्र (venus) अभी धनु राशि (sagittarius) में गोचर कर रहे हैं, इस राशि में यह वक्री अवस्था में हैं। शुक्र 30 दिसंबर 2021 से 26 फरवरी 2022 तक धनु राशि में रहेंगे। 27 फरवरी को शुक्र शनिदेव की राशि मकर में गोचर करेंगे।
30 जनवरी को शुक्र होंगे मार्गी-
30 जनवरी को शुक्र मकर राशि में मार्गी होंगे। शुक्र को सुख, रोमांस और विलासिता आदि का कारक माना जाता है। शुक्र वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं। शुक्र कन्या राशि में नीच और मीन राशि में उच्च के माने जाते हैं।
इन राशियों पर पड़ेगा शुभ प्रभाव-
शुक्र मकर राशि में मार्गी होने जा रहे हैं। मकर राशि पर शनिदेव का आधिपत्य है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि और शुक्र के बीच मित्रता का भाव है। इसलिए मकर व कुंभ राशि के जातकों को शुक्र के मार्गी होने का पूरा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही शुक्र देव वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं। ऐसे में इन राशियों से जुड़े जातकों को मार्गी शुक्र लाभ पहुंचाएंगे।
शुक्र कब-कब करेंगे राशि परिवर्तन-
2022 में शुक्र 27 फरवरी को मकर राशि में गोचर करेंगे। 27 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करेंगे। 23 मई को मेष राशि में गोचर करेंगे।
इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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