
भोपाल। मध्यप्रदेश में इतिहास का सबसे बड़ा विस्थापन प्रदेश की खनन राजधानी कहे जाने वाले सिंगरौली शहर का किया जा रहा है, जिसके तहत यहां के 20 हजार घर टूटेंगे, जिनमें रहने वाले 50 हजार लोगों को नई जगह बसाया जाएगा। दरअसल सिंगरौली में कोयले का अकूत भंडार मिला है और उसके निस्तारण के लिए शहर के लोगों को विस्थापित किया जाना अनिवार्य है। मध्यप्रदेश के सिंगरौली को कोयला खनन के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। सिंगरौली में 2724 मिलियन टन कोयले का भंडार मौजूद है।
यह सिंगरौली कोयला क्षेत्र के उत्तर-पूर्वी भाग में करीब 220 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करता है। आमतौर पर देश के कोयला क्षेत्रा में कोल सीम की मोटाई 30 मीटर तक होती है, लेकिन सिंगरौली में कोयला क्षेत्र में कोल सीम 138 मीटर तक की खोजी गई है। सिंगरौली के झिंगुदरा में यह 162 मीटर तक है। नार्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड की जांच में यहां कोयले का विशाल भंडार पाए जाने के बाद विस्थापन की रणनीति बनाई है। इसके तहत सिंगरौली के मोरवा और आसपास के हिस्से को हटाया जाएगा। मप्र के बजट भाषण में वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने इस विस्थापन को तो हरी झंडी दे दी है, लेकिन इसके लिए कोई बजट नहीं रखा है।
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