
इंदौर। स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी निगम ने शुरू कर दी, जिसके चलते सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य भी होना है। सडक़, फुटपाथ, उद्यानों में स्थित पेड़ों पर चूने और गेरू के पट्टे डाले जाते हैं, जिसके लिए सभी 22 झोनों के लिए 5 पैकेज में लगभग 28 लाख रुपए की राशि के टेंडर ऑनलाइन जारी किए हैं। निगम हर साल सर्वेक्षण से पहले सौंदर्यीकरण के कार्यों पर ही बड़ी राशि खर्च करता है, जिसमें सार्वजनिक दीवारों, टंकियों से लेकर अन्य जगह आकर्षक पेंटिंग भी कराई जाती है और सेंट्रल डिवाइडरों की पुताई के साथ-साथ ग्रीन बेल्टों का संधारण भी किया जाता है। अभी आयुक्त क्षितिज सिंघल ने भी सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली।
सर्वेक्षण के लिए जब टीम दिल्ली से आती है, उसका शहरभर में दौरा होता है, जिसके चलते नगर निगम अतिरिक्त तैयारियां करता है। इसी कड़ी में अभी चूना और गेरू पुतवाने के लिए 5 पैकेजों में टेंडर जारी किए, जिसमें सभी 22 झोन के अंतर्गत आने वाले ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और उद्यानों में स्थित पेड़ों पर ईकोफ्रेंडली पुताई कराई जाना है, जिसमें झोन क्रमांक 8, 9, 10, 11 और 18 के लिए 4 लाख 60 हजार रुपए की अनुमानित लागत का टेंडर बुलाया गया है, तो झोन क्रमांक 5, 6, 7, 17 और 22 के लिए 6 लाख 90 हजार रुपए, इसी तरह झोन 12, 13, 19 और 21 के लिए 5 लाख 75 हजार, झोन क्रमांक 1, 3, 4 और 16 के लिए 4 लाख 80 हजार तथा झोन क्रमांक 2, 14, 15 और 20 के लिए 4 लाख 68 हजार रुपए की राशि के ये टेंडर जारी हुए हैं। दूसरी तरफ स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर आयुक्त क्षितिज सिंघल ने जो समीक्षा बैठक ली, उसमें अपर आयुक्त प्रखर सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण के सभी बिंदुओं पर विस्तृत प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। इसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्रोत पर कचरा पृथक्करण, गार्बेज फ्री सिटी मानक, ओडीएफ प्लस प्लस की स्थिति, नागरिक सहभागिता, नवाचार एवं डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे प्रमुख बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त सिंघल ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने दायित्वों का सूक्ष्म विश्लेषण कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करे तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करे। बैठक में स्वच्छ जल प्रदाय व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पेयजल गुणवत्ता, नियमित परीक्षण, लीकेज नियंत्रण एवं जल वितरण की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्वच्छ नाला अभियान के अंतर्गत नालों की नियमित सफाई, सिल्ट हटाने, आउटफॉल की जांच तथा जलभराव की स्थिति को रोकने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर में कहीं भी गंदे पानी का ठहराव न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। शासन की गाइडलाइन अनुसार शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। दीवार लेखन, पेंटिंग, सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता एवं रखरखाव, कचरा मुक्त सार्वजनिक स्थल आदि बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आयुक्त महोदय ने निर्देश दिए कि नो रेड स्पॉट अभियान को पुन: गति दी जाए तथा शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। बैठक में यातायात प्रबंधन को भी स्वच्छ सर्वेक्षण से जोड़ते हुए समीक्षा की गई। आयुक्त सिंघल द्वारा प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने, सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था तथा यातायात सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित शहर की छवि के लिए सुचारू यातायात व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।
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