
इंदौर। इंदौर की तुकोगंज थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच पुलिस ने पिछले दिनों एक बिल्डर को मिली धमकी के बारे में बड़ा खुलासा किया है, व्यापारी को धमकी देने और अवैध रूप से फिरौती वसूलने के लिए लॉरेंस विश्नोई गैंग के हैरी बॉक्सर ने पूरी प्लानिंग की थी और अपने एक गुर्गे को घटना को अंजाम देने के लिए इंदौर भेजा था, जिसके लिए बकायदा होटल बुक किया गया था और उसे फायर करने के अलावा धमकी देने के लिए बिल्डर की पूरी जानकारी भी मुहैया कराई गई थी।
दरअसल अशोकनगर पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए आरोपी की पूछताछ में लॉरेंस विश्नोई गैंग द्वारा मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में अवैध फिरौती मांगने का बड़ा गिरोह सामने आया है, जिसे फिरौती व फायरिंग की घटनाओं को अंजाम देने के लिए भेजा गया था। अशोक नगर पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी मनीष जांगिड़ ने बताया कि उसे सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार भड़काया गया और गिरोह के सदस्यों ने इंदौर व आसपास के क्षेत्रों में वारदात करने के लिए दबाव बनाया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसे टारगेट तय करके भेजा जाना था, या तो किसी स्थान पर फायरिंग करनी थी या किसी बिल्डर और पेट्रोल पंप संचालक को डराकर वसूली करनी थी। घटना को अंजाम देने से पहले ही अशोकनगर पुलिस ने उसे पकड़ लिया, जिससे बड़ी वारदात टल गई। आरोपी जांगिड़ ने बताया कि उसे एक बाइक और मोबाइल उपलब्ध कराए गए थे, ताकि वह घटना के बाद आसानी से भाग सके।
पुलिस ने जांच में यह भी पाया कि राजस्थान और यूपी के विभिन्न स्थानों से इस गिरोह से जुड़े लेन-देन हुए थे। आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण नामों का खुलासा किया है, जिनमें दीपक शर्मा, प्रदीप शुक्ला और हरीचंद शर्मा उर्फ हरी बॉक्सर और ऋतिक बॉक्सर शामिल हैं। इसके अलावा उसने यह भी स्वीकार किया कि वह कुख्यात गैंग लॉरेंस विश्नोई से प्रभावित था और सोशल मीडिया पर सक्रिय गैंग सदस्यों के संपर्क में था। का मामले में क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर अशोकनगर से इंदौर लाया गया है, जहां क्राइम ब्रांच पूछताछ कर रही है। आरोपी ने यह भी बताया कि बीकानेर से उसके खाते में पैसे भेजे गए थे, जिनके ट्रांजेक्शन कियोस्क के माध्यम से करवाए गए। पुलिस ने धनराशि भेजने वाले लोगों की भी पहचान कर उनकी भी पहचान कर ली है। प्रारंभिक जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों पर भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर गैंगस्टर्स की सामग्री देखकर प्रभावित होने वाले युवाओं को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कोई भी अवैधानिक गतिविधि या गैंग से जुड़ाव जीवनभर के लिए गंभीर परिणाम दे सकता है।
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