
उज्जैन। शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की समयसीमा लगातार कम हो रही है। अब शिक्षकों को मई का एक महीना ही अवकाश के रूप में मिलता है। इस बार 10वीं-12वीं बोर्ड की द्वितीय परीक्षा मई में आयोजित होगी। इसके लिए टाइम टेबल भी आ गया है, यानी शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश फिलहाल तो असमंजस में है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से 10वीं-12वीं बोर्ड की परीक्षाओं का परिणाम अप्रैल में जारी किया जाएगा। मई में जनगणना का कार्य भी होना है, वहीं असफल विद्यार्थियों के लिए दोबारा बोर्ड परीक्षा का आयोजन भी इसी महीने में किया जाना है। शिक्षक पहले से ही ग्रीष्मकालीन अवकाश की समयसीमा बढ़ाने के लिए गुहार लगाते आए हैं। उन्हें सिर्फ एक महीने 31 दिन का ही ग्रीष्मकालीन अवकाश विगत तीन-चार वर्षों से मिल रहा है। उनका कहना है कि लगातार अवकाश सीमित हो रहा है। शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा कई प्रमुख कार्यों में सेवाएं ली जाती हैं। इससे बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और उन्हें मिलने वाला ग्रीष्मकालीन अवकाश लगातार कम होता जा रहा है, जिस पर सरकार को विचार करना चाहिए। फिलहाल शिक्षकों के सामने असमंजस वाली स्थिति इसलिए है कि वह ग्रीष्मकालीन अवकाश में छुट्टियां मनाने के लिए विधिवत प्लान बना लेते हैं। दोबारा परीक्षा और जनगणना के बीच शिक्षक आगामी योजनाओं पर शिथिल बैठे हैं, वहीं माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से द्वितीय परीक्षा का टाइम टेबल आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो यह परीक्षा जून में होगी, लेकिन शिक्षकों की छुट्टियों पर फिर भी असमंजस की स्थिति बरकरार रहेगी।
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