
वाशिंगटन। अमेरिका में दूसरी बार राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में बड़ा स्वास्थ्य घोटाला उजागर हुआ है। इसके बाद अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी ने लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कैलिफोर्निया में की गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में पांच करोड़ डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
एफबीआई के अनुसार गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कथित रूप से फर्जी “हॉस्पिस केयर” केंद्र चला रहे थे। इन्होंने ऐसे केंद्र बनाए थे जो सिर्फ कागजों पर मरीजों की देखभाल दिखाते हैं, लेकिन वास्तव में ऐसा होता नहीं था। बदले में ये केंद्र मेडिकेयर से पैसे ले लिया करते थे और लगातार धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।
एफबीआई ने यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा एक कमेटी गठित किए जाने के बाद की है, जिसका नेतृत्व अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे। अमेरिका के कार्यवाहक अटॉर्नी बिल एसेली ने बृहस्पतिवार को बताया कि पकड़े गए आरोपियों में तीन नर्स, एक काइरोप्रैक्टर और एक मनोवैज्ञानिक शामिल हैं। इन पर मेडिकेयर से करोड़ों डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप है। ये लोग ऐसे मरीजों को हॉस्पिस सेवाओं का लाभार्थी दिखाते थे, जो गंभीर रूप से बीमार नहीं थे। उनके नाम पर बिल बनाकर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।
इन घोटालेबाजों पर तब संदेह हुआ, जब इन केंद्रों में मरीजों की जीवित रहने की दर सामान्य 17 प्रतिशत की तुलना में पांच गुना अधिक पायी गयी। अधिकारियों के अनुसार हॉस्पिस केयर का उद्देश्य जीवन के अंतिम चरण में देखभाल देना होता है, इसलिए वहां जीवित रहने की उच्च दर असामान्य मानी जाती है। गिरफ्तार लोगों में ग्लैडविन और एमेलो गिल नामक दंपति भी शामिल हैं, जो एक हॉस्पिस कंपनी के मालिक हैं। एफबीआई के अनुसार दक्षिणी कैलिफोर्निया क्षेत्र स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी के लिए उच्च जोखिम वाला इलाका है। एजेंसी ने कहा कि ऐसी धोखाधड़ी से हर साल अरबों डॉलर का नुकसान होता है, जिसका बोझ अंततः करदाताओं पर पड़ता है।
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