
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में अवैध मजारों (Illegal shrines) को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन (University Administration) ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर सभी अवैध मजारों को हटाने का अल्टीमेटम दिया है।
प्रशासन ने बनाई विस्तृत कार्ययोजना
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए जिला और पुलिस प्रशासन को सूचित कर दिया गया है। अभियान को सफल बनाने के लिए सुरक्षा, लॉजिस्टिक और प्रशासनिक स्तर पर पूरी योजना तैयार की गई है।
सभी विभागों को सख्त निर्देश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित विभागों के साथ बैठक कर रणनीति तय कर ली है। सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए।
पहले दिए गए थे नोटिस, फिर मिला अतिरिक्त समय
प्रशासन के अनुसार, मजारों को हटाने के लिए पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अतिरिक्त समय भी दिया गया, ताकि संबंधित पक्ष वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर सकें।
वैध दस्तावेज न मिलने पर सख्ती
अब तक केवल एक मजार प्रबंधक ने जवाब दिया है, लेकिन वह भी कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। ऐसे में प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।
विरोध पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति इस कार्रवाई में बाधा डालता है या विरोध करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिसर को व्यवस्थित बनाने का उद्देश्य
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कदम परिसर को नियमों के अनुरूप और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है। प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियान की निगरानी सख्ती से की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
इस अभियान को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
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