
उज्जैन। शहर में लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं (लू) के असर के चलते चरक अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढऩे लगी है। तपन के कारण उल्टी-दस्त, लू लगने के प्रकरण बढ़ रहे हैं। बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेताया है कि लापरवाही बरतने पर लू गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे, खिलाड़ी और धूप में काम करने वाले श्रमिकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
उज्जैन का तापमान दिन में 40.7 डिग्री तो शाम को 22 डिग्री तक बना हुआ है, जिसके चलते देर शाम तक भी गर्म हवाएं चल रही हैं। आम जनता की मदद के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के उपाय सहित एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों के मुताबिक लू लगने पर शरीर में पसीना आना बंद हो सकता है, त्वचा लाल और सूखी हो जाती है। इसके अलावा चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, थकान और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर प्राथमिक उपचार और नजदीकी अस्पताल में संपर्क करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी है। बाहर निकलना जरूरी हो तो सिर को ढंककर रखें, हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और छाता या गमछे का उपयोग करें।
तेल, मसाले वाले भोजन से दूर रहें
खानपान को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा गया है। अत्यधिक तेल, मसाले वाले व ज्यादा देर से पकाकर रखा गया भोजन न खाने की समझाइए दी गई है। खाली पेट घर से न निकलें और दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। ओआरएस का घोल, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और फलों का रस शरीर को हाइड्रेट रखने में मददगार होते हैं।
बंद वाहन बच्चों और पालतू पशुओं की ले सकते है जान
विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बच्चों और पालतू पशुओं को को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें तपन के कर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और घुटन के कारण जान जाने तक की भी नौबत आ सकती है, वहीं धूप में नंगे पैर चलने से बचने,अत्यधिक गर्मी में भारी काम करने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि गर्मी के इस मौसम में सतर्कता ही बचाव है, इसलिए एडवाइजरी का पालन कर खुद को और परिवार को सुरक्षित रखें।
लू से बचने के आसान उपाय
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