
उज्जैन। अक्षय तृतीया पर होने वाली शादियों के लिए इस बार गैस टंकी की मारामारी नजर आ रही है। गैस टंकी के संकट के चलते अब उनको लेने की सिफारिश विधायक और भाजपा नेताओं से करवाई जा रही है, वहीं बड़े सामाजिक संगठन के सामूहिक विवाह में डीजल और लकड़ी की भट्टी पर खाना बनाए जाने की तैयारी की गई है।
वर्तमान में घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। हालत यह है कि बुकिंग के 10 से 15 दिन बाद सिलेंडर दिए जा रहे हैं, वहीं कमर्शियल सिलेंडर का टोटा भी पड़ा हुआ है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिमांड के चलते गैस एजेंसी बराबर संख्या में सिलेंडर उपलब्ध नहीं कर पा रही है, जिससे आने वाले अक्षय तृतीया पर विवाह में खाना बनाने का संकट आन पड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक हजारों की संख्या में इस बार अक्षया तृतीया पर सामूहिक विवाह होंगे, जिसमें भोजन बनाने के लिए गैस टंकी की आवश्यकता लगती है। औसतन एक परिवार को 5 से 10 टंकियां लगती हैं। शादी में इनकी संख्या दोगुना हो जाती है। हालात यह है कि टंकी नहीं मिल पा रही है और ना ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध हो रहे हैं, जिसके चलते विवाह वाले परिवार परेशान हो रहे हैं। कई लोग अपनी पहुंच के चलते सिलेंडर की व्यवस्था कर रहे हैं। कोई विधायक तो कोई भाजपा के नेताओं से सिफारिश लगवाकर टंकी लेने के लिए दबाव बना रहा है तो कोइ्र्र डीजल और लकड़ी की भट्टी पर खाना बनाने की तैयारी कर रहा है। जनप्रतिनिधि भी परेशान हैं, क्योंकि उनके पास भी बार-बार सिलेंडर की डिमांड आ रही है।
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