
पटना। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह भी नई पार्टी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति पर केंद्रित अपनी पार्टी में वह ‘जात-पात’ से मुक्त लोगों को शामिल करना चाहते है। सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह पार्टी में ईमानदार, पढ़े-लिखे और जात-पात से मुक्त लोगों को शामिल करना चाहते हैं।
बिहार में आरा से लोकसभा सदस्य रहे पूर्व ब्यूरोक्रैट ने हालांकि पार्टी के नाम का खुलासा नहीं किया है। पिछले साल नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा ने उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते दल से निलंबित कर दिया था और बाद में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेतृत्व, उम्मीदवारों और बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे।
73 वर्षीय सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य ध्यान बिहार की राजनीति पर रहेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी सवाल उठाए और दावा किया चौधरी की पहले से अच्छी छवि नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, ”जो व्यक्ति ईमानदार नहीं है, जिसका चरित्र अच्छा नहीं है, जो कम पढ़ा-लिखा है, वह क्या सोच रखेगा और क्या कर पाएगा?” वहीं, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर उन्होंने कहा कि जनता दल प्रमुख के नेतृत्व में बिहार में बनी सरकार का पहला कार्यकाल ठीक था।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के दूसरे कार्यकाल के 99 प्रतिशत मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त थे। सिंह ने कहा, ”हो सकता है कि आप खुद भ्रष्टाचार में शामिल न हों, लेकिन अगर आपके आसपास के लोग भ्रष्टाचार में शामिल हैं… तो यह शर्म की बात है।” पूर्व गृह सचिव सिंह ने भाजपा से निलंबित किए जाने को सजा नहीं मानते हुए कहा, ”भाजपा ने मुझे इसलिए निलंबित किया क्योंकि मैं खुलकर बोलता था… लेकिन यह पहली बार नहीं था जब मैंने खुलकर बोला। जब मैं सांसद था, तब भी मैं बोलता था।”
उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेरे बोलने के बावजूद मुझे सात साल तक ऊर्जा मंत्री बनाए रखा, यह एक बड़ी बात थी।” सिंह ने 2014 में लोक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया था। वह सितंबर 2017 से जून 2024 तक केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री रहे।
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