
वॉशिंगटन। हमारे सौरमंडल (Solar System) में एक रहस्यमयी ‘पांचवीं शक्ति’ छिपी हो सकती है, जो अब तक सामान्य उपकरणों की पकड़ से बाहर रही है। प्रकृति (Nature) में अभी तक चार मूलभूत बल माने जाते हैं गुरुत्वाकर्षण, विद्युतचुंबकीय बल, मजबूत नाभिकीय बल (Nuclear Force) और कमजोर नाभिकीय बल। इनके अलावा यदि कोई अतिरिक्त बल है, तो उसे पांचवीं शक्ति कहा जाता है।
वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि यही शक्ति डार्क एनर्जी और ब्रह्मांड के तेज विस्तार जैसे रहस्यों को समझाने में मदद कर सकती है। दूरस्थ आकाशगंगाओं में इसके संकेत दिखाई देते हैं, जहां गुरुत्वाकर्षण का व्यवहार आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता सिद्धांत से अलग नजर आता है, लेकिन हमारे सौरमंडल में सब कुछ अब भी सामान्य भौतिकी के अनुसार चलता दिखता है। यही विरोधाभास अब वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी पहेली बन गया है। नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि इस छिपी हुई शक्ति का सुराग हमारे अपने सौरमंडल में भी मिल सकता है।
वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला दावा
यह अध्ययन नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के भौतिक विज्ञानी डॉ. स्लावा ट्यूरिशेव ने किया है। साइंस अलर्ट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह समझाने की कोशिश की है कि डार्क एनर्जी और डार्क मैटर जैसी अवधारणाओं की स्थानीय स्तर पर जांच कैसे की जा सकती है और क्यों अब सौरमंडल में विशेष मिशनों की जरूरत पड़ सकती है।
इस पूरी समस्या के केंद्र में वैज्ञानिकों द्वारा ग्रेट डिसकनेक्ट कहा जाने वाला विरोधाभास है। इसका अर्थ है कि भौतिकी के नियम अलग-अलग पैमानों पर अलग व्यवहार करते हुए दिखाई देते हैं। जहां पदार्थ बहुत कम है और गुरुत्वीय प्रभाव कमजोर है, वहां डार्क एनर्जी या बदले हुए गुरुत्वाकर्षण के संकेत अधिक स्पष्ट दिखते हैं। लेकिन जहां पदार्थ अधिक है, वहां ये प्रभाव गायब हो जाते हैं। स्थिति तब बदल जाती है जब वैज्ञानिक हमारी स्थानीय खगोलीय सीमा से बहुत दूर देखते हैं। आकाशगंगाओं और उससे भी बड़े पैमाने पर ब्रह्मांड लगातार फैलता हुआ दिखाई देता है।
हालांकि इस विस्तार की सटीक गति को लेकर वैज्ञानिकों में बहस जारी है, लेकिन पर्याप्त प्रमाण हैं कि कोई ऐसी चीज गुरुत्वाकर्षण या स्पेसटाइम को प्रभावित कर रही है, जिसे मौजूदा सिद्धांत पूरी तरह नहीं समझा पाते। फिलहाल डार्क एनर्जी को इसका सबसे मजबूत संभावित कारण माना जाता है, हालांकि उसकी वास्तविक प्रकृति अब भी रहस्य बनी हुई है।
बेहतर उपकरणों से खुल सकता रहस्य
वैज्ञानिकों का मानना है कि इतनी सूक्ष्म शक्तियों को पकड़ने के लिए अभी और अधिक संवेदनशील उपकरण विकसित करने होंगे। फिलहाल चरणबद्ध प्रगति ही सबसे व्यावहारिक रास्ता है, जिसमें मापन क्षमता को लगातार बेहतर बनाया जाए।यदि बड़े ब्रह्मांडीय सर्वेक्षणों से कोई स्पष्ट और परीक्षण योग्य संकेत मिलता है और उसे सौरमंडल में जांचने के लिए व्यवहारिक मिशन तैयार किया जा सकता है, तो यह आधुनिक भौतिकी की सबसे बड़ी खोजों में से एक हो सकती है। ऐसी खोज गुरुत्वाकर्षण, डार्क एनर्जी और पूरे ब्रह्मांड की कार्यप्रणाली को समझने का तरीका बदल सकती है।
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