
इंदौर। जनता (Public) के विरोध और जनप्रतिनिधियों के समर्थन के चलते इंदौर (Indore) में अब सडक़ (Road) की चौड़ाई घटाने की नई परंपरा की शुरुआत होने जा रही है। चौड़ाई (Width) के विवाद में जब सात सडक़ों (7 Projects Stalled) का निर्माण अटक गया तो फिर अब तीन सडक़ों की चौड़ाई को कम करने पर सहमति हो गई है।
अग्निबाण द्वारा 25 अप्रैल को प्रमुखता के साथ यह समाचार प्रकाशित किया गया था कि मास्टर प्लान में प्रावधान की गई सडक़ों के निर्माण की कोशिश में सात सडक़ें चौड़ाई के विवाद में अटक गई हैं। नागरिकों द्वारा इन सडक़ों की चौड़ाई को कम करने की मांग की जा रही है और इस मांग का क्षेत्र के विधायक द्वारा समर्थन किया जा रहा है। इस स्थिति के चलते इंदौर नगर निगम पूरी तैयारी होने के बावजूद इन सडक़ों का निर्माण नहीं कर पा रहा है। इस मामले में अब नगर निगम द्वारा तीन सडक़ों की चौड़ाई कम करने और सडक़ का निर्माण करने की पहल शुरू कर दी गई है। महापौर परिषद के सदस्य राजेंद्र राठौड़ ने इस पहल की पुष्टि करते हुए कहा है कि सडक़ निर्माण को सुनिश्चित करने और जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निगम द्वारा यह फैसला लिया गया है। इस बारे में औपचारिक तौर पर राज्य शासन की ओर से भी आदेश जारी किए जा रहे हैं। यह नहीं कहा जा सकता है कि सडक़ की चौड़ाई कम कर दी गई है, बल्कि अभी सडक़ को कम चौड़ाई में बनाया जाएगा। इस बारे में पूछे जाने पर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से सडक़ की चौड़ाई को लेकर आदेश जारी किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही आदेश प्राप्त होता है वैसे ही उसका क्रियान्वयन किया जाएगा।
इन सडक़ों की चौड़ाई घटेगी
निगम के जनकार्य विभाग की ओर से कंडीलपुरा की सडक़, जिसे मास्टर प्लान में 100 फीट चौड़ाई का प्रावधान किया गया है, उसकी चौड़ाई को 20 फीट घटाकर 80 फीट में निर्माण करने की पहल की गई है।
इसी प्रकार मल्हारगंज गली नंबर 4 स्थित नेमीनाथ मंदिर और शंकरगंज की सडक़, जिनकी चौड़ाई मास्टर प्लान में 80 फीट है, उन्हें 60 फीट करते हुए बनाने की पहल की गई है।
गुटकेश्वर महादेव मंदिर सडक़ पर नहीं दी राहत
इसके साथ ही नगर निगम द्वारा फैसला लिया गया है कि किला मैदान रोड पर स्थित गुटकेश्वर महादेव मंदिर से लेकर सदर बाजार को जोडऩे वाली सडक़ का निर्माण उसकी निश्चित चौड़ाई में ही किया जाएगा। मास्टर प्लान में इस सडक़ की चौड़ाई 60 फीट रखी गई है। नगर निगम इस प्रावधान का पालन करते हुए सडक़ का निर्माण करेगा। इस सडक़ के कारण 98 मकानों के हिस्से तोडऩा पड़ेंगे। निगम की ओर से निश्चित किया गया है कि मंदिर की जो बाउंड्रीवॉल सडक़ की चौड़ाई के कारण तोडऩा पड़ेगी उसका पुनर्निर्माण निगम द्वारा कराया जाएगा।
नागरिकों ने शुरू कर दिया तोडऩा
महापौर परिषद के सदस्य राजेंद्र राठौर ने बताया कि जिन स्थानों पर सडक़ की चौड़ाई को फिलहाल कम करते हुए सडक़ का निर्माण करने का फैसला लिया गया है, उन स्थानों पर नागरिकों द्वारा अपने निर्माण को स्वयं ही तोडऩे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिंसी से लक्ष्मीबाई प्रतिमा वाले मार्ग पर नागरिक बड़ी संख्या में अपने निर्माण को तोड़ रहे हैं। इसके साथ ही अन्य सडक़ों पर भी इसी तरह नागरिकों की ओर से सहयोग की शुरुआत हो गई है।
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