
- कई गाँवों में हैंडपंप हुए बंद-विभाग ने दी पानी का अपव्यय रोकने की सलाह
उज्जैन। जिले का भू जल स्तर तेजी से गिर रहा हैं। यहाँ पानी, जमीन से औसतन 7 मीटर नीचे चला गया है। जो कि चिंता का विषय है। भूजल सर्वेक्षण विभाग ने आगामी जल संकट से उबरने के लिए यहाँ पानी का अपव्यय रोकने की सलाह दी है।
उल्लेखनीय यह हैं कि जिले के भू-जल स्तर में लगातार तेजी से गिरावट आ रही है। नतीजा हैंडपंप- बोरिंग व अन्य जलस्रोत दम तोडऩे लगे हैं। बताया जाता है कि जिले में सबसे पहले बडऩगर और घटिया विकासखंड का वाटर लेवल डाउन हुआ हैं। ऐसे में यहां के कई गांवों में हैंड पंप बंद हो गए हैं। भू जल कार्यालय के आंकड़े बता रहे हैं कि उज्जैन में जनवरी 2025 में उज्जैन जिले का औसत भूजल स्तर 5.50 मीटर नीचे था, जो 2024 के 6.81 मीटर से 1.31 मीटर बेहतर है। मई 2024 में भूजल स्तर 54.63 फीट नीचे दर्ज हुआ था। अप्रैल 2026 में गंभीर डैम में सिर्फ 65 दिन का पानी बचा है, जो उज्जैन शहर का मुख्य जलस्रोत है। बीते एक महीने में आई इस 3 मीटर की गिरावट का असर देखने को मिल रहा है। मई माह में इसमें ओर गिरावट आएगी। कई गाँवों में हैंडपंप बंद हो गए हैं। बावजूद बारिश के पानी को सहेजने और भूजल पुनर्भरण के लिए सरकार या नगर परिषद की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उलटा खेती की बोरवेल के पानी पर निर्भरता बढ़ती चली गई।