
इंदौर। इंदौर के विजय नगर थाने के चार पुलिसकर्मियों ने वर्दी को वसूली का हथियार बना लिया। आगर मालवा के बड़ौद से एक ड्रग तस्कर को उठाकर लाए, उसे थाने ले जाने के बजाय शहर के एक आलीशान 5-स्टार होटल में दो दिन तक बंधक बनाकर रखा और 5 लाख रुपए की वसूली की। हद तो तब हो गई, जब उसी तस्कर का इस्तेमाल कर दूसरे अपराधी को फंसाया और उससे भी मोटी रकम वसूली गई थी।
दरअसल पूरी घटना नवंबर 2024 की है। इसकी शिकायत ACP तक पहुंच गई है, जिसके बाद पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं। जांच में चारों पुलिसवालों और तस्करों की टॉवर लोकेशन भी उसी 5-स्टार होटल की निकली। कॉल डिटेल रिपोर्ट से भी इसकी पुष्टि हुई है।आरोपियों ने भी अपने बयान में पुलिसवालों की करतूत उजागर की, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक किसी भी पुलिसवाले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाल ही में (मई 2026) में DCP ने इससे जुड़ी कुछ और जानकारियों एसीपी से मांगी थी मगर जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद एसीपी आदित्य पटले का तबादला हो गया।
विजय नगर टीआई द्वारा सूचना मिलने के बाद सहायक उपनिरीक्षक (ASI) भूपेंद्र सिंह गुर्जर, हेड कॉन्स्टेबल मुकेश सिंह जादौन, कॉन्स्टेबल कपिल सोनानिया और कॉन्स्टेबल राधेश्याम राठौर उर्फ राधे को तस्कर वसीम पिता राजू खान को पकड़ने के लिए बड़ौद भेजा। ये पुलिसकर्मी थाने के रोजनामचा में एंट्री करने के बाद रवाना हो गए। वहां जाकर वसीम को 22 नवंबर 2024 को उठाकर इंदौर ले लाए, लेकिन उसे थाने नहीं ले गए, बल्कि विजय नगर के ही एक 5 स्टार होटल ले गए। वहां दो दिन तक उसे बंधक बनाकर रखा और पैसे लेने के बाद छोड़ दिया। इधर पुलिसकर्मियों के बड़ौद से लौटने पर जब टीआई पटेल ने तस्कर के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उसका मोबाइल बंद था। वह हाथ नहीं लगा। ऐसे में हमें खाली हाथ ही लौटना पड़ा। बड़ी बात यह है कि पूरे मामले में ACP की जांच से सब कुछ सामने आने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 2024 में अवैध रूप से बंधक बनाने के इस मामले में तत्कालीन एसीपी आदित्य पटले ने 18 अक्टूबर 2025 को ही जांच रिपोर्ट (09 ए/25) डीसीपी जोन-2 को सौंप दी थी। बहरहाल इंदौर पुलिस द्वारा पूरी ही घटना में पुलिसकर्मियों को बचाते हुए नजर आ रही है।
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