
इंदौर। इंदौर के खजराना के विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हुए 2 करोड़ रुपए के गबन में लिप्त भ्रष्टाचार के 13 आरोपियों के खिलाफ बुधवार को केस दर्ज हुआ। मुख्य आरोपी सिद्धार्थ जोशी को एमजी रोड पुलिस ने गिरफ्तार किया।
दरअसल इंदौर के एमजी रोड पुलिस को जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि खजराना विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में करोड़ो का घोटाला किया गया है मुख्य आरोपी और मास्टर माइंड खजराना के शासकीय स्कूल का प्यून सिद्धार्थ जोशी है। उसके पास पैसों के लेनदेन के लिए विकासखंड अफसर के कम्प्यूटर का लॉगिन आईडी, पासवर्ड था। इसी का फायदा उठाकर उसने अपने खुद के अकाउंट में 1 करोड़ रुपए, पत्नी रेणुका के खाते में 55 लाख रुपए और बेटे मोहक जोशी के खाते में 8.5 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए थे।
आरोपियों ने अपने और 8 सह आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों के 33 बैंक खातों में 2 करोड़ 2 लाख रुपए ट्रांसफर कर गबन किया था। दिसंबर में जब इतना बड़ा घोटाला पकड़ाया तो अफसरों ने जांच बैठाई। तब 150 बैंक खातों को फ्रीज करवा दिया गया था। 2018 से राशि को गलत तरीके से परिचितों और रिश्तेदारों के खातों में डाला जा रहा था। यह पूरी गड़बड़ी भोपाल में हुए ऑडिट में पिछले साल ही पकड़ ली थी। 2018 से दिसंबर 2025 तक बीईओ इंदौर पद पर रहे पांच अधिकारियों के ओटीपी से ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आई है। इन अफसरों ने सिद्धार्थ जोशी को कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम सौंपा दिया था। वही एमजी रोड टीआई विजय सिंह सिसौदिया ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र और जांच के बाद 13 मुख्य और 8 सह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मुख्य आरोपियों के नाम सिद्धार्थ जोशी, मोहन दांगी, पवन खामोद, छोटेलाल गौड़ और केदारनारायण दीक्षित है। सह आरोपी रेणु पति सिद्धार्थ जोशी और उसका बेटा मोहक जोशी, हेमलता, रोशन पानेरी, मुकेश दांगी, अनीता दांगी, जगदीश और मुकेश र राठौर हैं। 4 माह पहले 5 आरोपी निलंबित भी हो चुका हैं।
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