नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनाव(Kerala Assembly elections) में शानदार प्रदर्शन के बाद अब (Kerala) में मुख्यमंत्री पद(Chief Minister’s post) को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। 140 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, लेकिन अब असली चर्चा नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर हो रही है।
कांग्रेस नेतृत्व इस बार सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री चुनने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में पार्टी के वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi ने दिल्ली में पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के साथ मैराथन बैठक की। इस दौरान उन्होंने जमीनी हालात और विधायकों की राय के साथ-साथ जनता की भावनाओं को भी समझने की कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक, अब फैसला पूरी तरह कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के हाथ में है। खरगे के बेंगलुरु से दिल्ली लौटने के बाद उनकी सोनिया गांधी से अंतिम दौर की चर्चा होगी, जिसके बाद नए मुख्यमंत्री के नाम पर औपचारिक मुहर लगाई जाएगी। माना जा रहा है कि यह घोषणा बुधवार तक हो सकती है।
सीएम पद की दौड़ में तीन बड़े नाम सबसे आगे हैं रमेश चेन्निथला, वीडी सतीशन और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल। इन नेताओं को लेकर पार्टी के भीतर लगातार मंथन चल रहा है। राहुल गांधी ने इन नामों पर राय जानने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं से व्यक्तिगत बातचीत भी की है, ताकि एक ऐसा चेहरा चुना जा सके जो सभी गुटों को स्वीकार्य हो।
इस प्रक्रिया में केवल विधायकों की राय ही नहीं, बल्कि सहयोगी दलों की भूमिका और जनता की पसंद को भी अहमियत दी जा रही है। पार्टी का कहना है कि यूडीएफ गठबंधन की एकजुटता बनाए रखना भी इस फैसले का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
चुनाव परिणामों के बाद से ही कांग्रेस हाईकमान लगातार बैठकों में व्यस्त है और हर स्तर पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। अजय माकन और मुकुल वासनिक जैसे पर्यवेक्षकों ने पहले ही विधायकों से फीडबैक ले लिया है, जिसे अंतिम निर्णय में शामिल किया जाएगा।
अब पूरे राजनीतिक गलियारों की नजर इस बात पर टिकी है कि केरल की कमान आखिर किसे सौंपी जाएगी। कांग्रेस के लिए यह फैसला न सिर्फ सरकार गठन का हिस्सा है, बल्कि आने वाले वर्षों की राजनीति की दिशा भी तय करेगा।