img-fluid

इन्दौर: टैंकर वालों को साढ़े 3 करोड़ रुपए दिए, फिर भी आधा शहर प्यासा

May 19, 2026

प्राइवेट टैंकरों के भरोसे है कई वार्ड फिर भी नहीं हो पा रही आपूति

इन्दौर। पानी (Water) को लेकर कल नगर निगम (Municipal council) के अधिकारियों (Officials) की महापौर (Mayor) और जल समिति के प्रभारी ने बैठक ली। बैठक में बताया गया कि शहर में जहां पानी की समस्या है, वहां टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। अब तक इन टैंकरों को साढ़े तीन करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। कई निजी टैंकर चालकों द्वारा पानी वितरण की आड़ में निगम का पानी बेचने की शिकायतें भी 311 ऐप पर हुई है, फिर भी कार्रवाई नहीं हो पाई है।

नगर निगम का कहना है कि निगम के जो बोरिंग हैं, उसमें आधे से ज्यादा बोरिंग जलस्तर नीचे उतरने के कारण बंद हो गए हैं, वहीं कई हाईडें्रट के बोरिंग भी बंद हो गए हैं। इस कारण शहर में पानी की समस्या और बढ़ गई है। फिर भी निगम द्वारा निजी टैंकर अटैच किए हैं। निगम गर्मी के दिनों में अभी तक लोगों को साढ़े तीन करोड़ रुपए देकर टैंकरों से जल वितरण कर चुका है, बावजूद इसके समस्या कम नहीं होने का नाम नहीं ले रही है। बीएसएफ-2 लाइन से जुड़ी 18 टंकियां प्रभावित हुईं। लालबाग के पास मास्टर वाल्व में सीपेज मिला, जबकि गंगवाल, शिवानी नगर और अन्य क्षेत्रों में भी वाल्व से छेड़छाड़ पाई गई। इसके बाद सभी वाल्वमैन की बैठक लेकर उनसे कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की लाइनों की सतत निगरानी रखें, ताकि अगर मुख्य लाइन में छेड़छाड़ हो तो उसे रोका जा सके और संबंधित पर कार्रवाई की जा सके।

विधायक की नाराजगी के बाद पानी के लिए 5 वार्डों में अधिकारी होंगे तलब
अपने क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर गुस्सा दिखा चुके विधायक महेन्द्र हार्डिया की नाराजगी के बाद आज पांच वार्डों को लेकर जल वितरण में जुड़े अधिकारियों की एक मीटिंग होने जा रही है। परसों विधायक हार्डिया पानी की समस्या सुनाते-सुनाते कार्यक्रम छोडक़र चले गए थे। दरअसल हार्डिया अपने क्षेत्र में पानी की समस्या हल कराने को लेकर लोगों को रोज आश्वस्त करते हैं, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिल पाता है। हालांकि कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद थे। वे भी बाबा के गुस्से के सामने कुछ बोल नहीं पाए। इसके बाद महापौर ने संबंधित अधिकारियों से विधानसभा पांच के वार्डों में पानी की समस्या सुलझाने के आदेश दिए। बताया जाता है कि वार्ड क्रमांक 37, 51, 45 और 46 नंबर में सबसे ज्यादा पानी की समस्या है तो पांच नंबर के ही 26 नंबर वार्ड में भी पानी को लेकर रोज विवाद हो रहे हैं। इन सभी वार्डों से जुड़े जल वितरण के अधिकारी आज एक बैठक करने जा रहे हैं। हालांकि कल एक बड़ी बैठक में नर्मदा जल वितरण और निगम कमिश्नर ने अधिकाािरयों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पानी को लेकर निगाह रखें और जल वितरण के समय ध्यान दें। आज की मीटिंग के बाद तय हो पाएगा कि इन वार्डों में आखिर पानी सप्लाय नियमित क्यों नहीं हो पा रहा है। निगम के अधिकारियों ने मैदानी हकीकत जानने का आश्वासन दिया है।

पानी के लिए निगम ने 6 साल में कर दिए 468 करोड़ खर्च

राज्य सूचना आयुक्त ने दिया निर्देश- इस खर्च का बताओ हिसाब

नगर निगम द्वारा शहर में जल वितरण की व्यवस्था पर पिछले 6 साल में 468 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। राज्य के सूचना आयुक्त ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि इस खर्च का हिसाब बताइए।
नगर निगम द्वारा हर साल जल वितरण के नाम पर कभी लाइन बदलने का काम किया जाता है तो कभी नई लाइन डालने का काम किया जाता है। 1 वर्ष में मोटे तौर पर नगर निगम द्वारा इस कार्य पर 78 करोड रुपए खर्च किए जाते हैं। वर्ष 2017-18 से अब तक नगर निगम इस काम पर 468 करोड़ रुपए की राशि खर्च कर चुका है। इतनी राशि निगम द्वारा खर्च किए जाने के बाद भी शहर में पानी का संकट जगह बना हुआ है। नागरिक पानी के लिए परेशान होते नजर आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में कांग्रेस नेता दिलीप कौशल के द्वारा सूचना के अधिकार के साथ नगर निगम से पानी के लिए खर्च की गई राशि का हिसाब मांगा गया था। इस आवेदन पर नगर निगम द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसी स्थिति में अपर आयुक्त जलप्रदाय के समक्ष प्रथम अपील की गई, लेकिन उनके द्वारा भी इस जानकारी को देने में रुचि नहीं ली गई। ऐसी स्थिति में द्वितीय अपील राज्य सूचना आयुक्त के समक्ष की गई। गत दिवस राज्य सूचना आयुक्त डॉ उमाशंकर पचौरी ने भोपाल में इस मामले की सुनवाई की। इस सुनवाई में उन्होंने इंदौर नगर निगम के अधिकारियों का आदेश दिया है कि पिछले 6 वर्ष पानी के काम पर खर्च की गई राशि का हिसाब जारी किया जाए।

Share:

  • कि पैसा बोलता है... अडाणी की दौलत पर तो अमेरिका भी डोलता है

    Tue May 19 , 2026
    वाह अडाणी… यहां भारत में अडाणी पर तोहमतें लगाई जा रही हैं… उनकी दौलत बढ़ाने में सरकार की भागीदारी बताई जा रही है… वहां अडाणी ने अमेरिका की सरकार और कानून दोनों को खरीद लिया… पैसे के बूते और निवेश के दम पर अपने सारे दाग मिटा लिए… उन पर अब रिश्वत का कोई मुकदमा […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved