
- बरेला क्षेत्र में कांजी हाउस की मांग तेज, किसानों ने कलेक्टर से की तत्काल व्यवस्था की अपील
जबलपुर/पड़वार। बरेला क्षेत्र के पड़वार और आसपास के गांवों में आवारा मवेशियों का आतंक किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। खेतों में घुस रहे मवेशियों के झुंड धान, मक्का, उड़द, तिली और अरहर सहित खरीफ की विभिन्न फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। लगातार हो रही इस समस्या से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
भारत कृषक समाज के बरेला ब्लॉक संयोजक योगेश पटेल ने बताया कि क्षेत्र के अनेक किसानों की बोई हुई फसलें आवारा मवेशियों के कारण नष्ट हो रही हैं। मवेशी न केवल खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि गांवों के पहुंच मार्गों पर भी जमावड़ा लगाकर लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे कई वर्षों से क्षेत्र में कांजी हाउस (गौशाला/मवेशी आश्रय स्थल) बनाए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कांजी हाउस नहीं होने से आवारा मवेशी खुलेआम खेतों में घूमते हैं और किसानों की तैयार होती फसलें चट कर जाते हैं। किसानों का कहना है कि खेती में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर भारी खर्च करने के बाद जब फसल तैयार होने लगती है, तभी आवारा मवेशी उसे बर्बाद कर देते हैं। ऐसे में उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। इस संबंध में सुरेंद्र चोकसे, चिंटू यादव, मुकेश पटेल, जगदेव पटेल, विपिन पटेल सहित अन्य किसानों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि क्षेत्र में घूम रहे आवारा मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए तत्काल कांजी हाउस अथवा अन्य प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जा सके और उनकी मेहनत सुरक्षित रह सके।