
इंदौर। शहर (Indore) में पहले से अग्नि सुरक्षा (fire protection) के इंतजामों के लिए पांच फायर (fire stations) स्टेशन बने हुए हैं, जिन्हें बढ़ाकर अब 10 किया जा रहा है। ट्रेंचिंग ग्राउंड में नया फायर स्टेशन बनाया जा रहा है, जबकि चार और के लिए देवास नाका, स्कीम 78, एमआर-10 ब्रिज के समीप और सिरपुर बांक में जमीनें ढूंढी गई हैं, जिनकी प्रक्रियाएं चल रही हैं। आने वाले दिनों में जमीनें मिलने के बाद वहां भी फायर स्टेशन बनाने के काम शुरू किए जाएंगे।
अब तक शहर में वर्षों पुराने फायर स्टेशन गांधी हॉल, मोती तबेला, लक्ष्मीबाई नगर, जीएनटी मार्केट, सांवेर रोड में संचालित होते हैं, लेकिन अब कई स्थानों पर बनी विशाल इमारतों और शहरी क्षेत्रफल बढऩे के कारण कई इलाकों में फायर ब्रिगेड की दमकलें पहुंचने में काफी समय लग रहा था, जिसको लेकर लोगों की नाराजगी सामने आती थी। कई बार दूरस्थ क्षेत्रों और कालोनियों में हुए अग्निकांड के लिए रवाना हुई दमकलें यातायात के कारण समय पर नहीं पहुंच पातीं, जिससे जान-माल का नुकसान ज्यादा हो रहा था। इसी के चलते निगम द्वारा फायर स्टेशनों की संख्या 5 से बढ़ाकर 10 करने की तैयारी की गई। अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए सभी झोनलों को अलग-अलग स्थानों पर जमीनें ढूंढने को कहा गया था। इनमें कुछ जमीनें मिल गई हैं, जिनमें कुछ तो निगम की हैं और कुछ प्रशासन की हैं। अब प्रशासन से फायर स्टेशन के लिए जमीनें मांगी गई हैं और उसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
शहर के अलग-अलग हिस्सों को कवर कर बनाए स्टेशन
अधिकारियों के मुताबिक सबसे ज्यादा आग लगने की घटनाएं ट्रेंचिंग ग्राउंड मेें होती थीं, क्योंकि कचरे में कई बार आग लगने के कारण आसपास की टाउनशिपों के लोगों की फजीहत हो जाती थी। इसी के चलते वहां खाली पड़ी जमीन के एक हिस्से में फायर स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है और वहां फायर ब्रिगेड की दमकलें भी तैनात रहेंगी। इसके अलावा एमआर-10 ब्रिज के पास, स्कीम 78, देवास नाका, सिरपुर बांक में कहीं 10 हजार तो कहीं 25 हजार स्क्वेयर फीट जमीनें फायर स्टेशन के लिए आरक्षित की गई हैं। निगम द्वारा ही फायर स्टेशनों का निर्माण टेंडरों के माध्यम से कराया जाएगा।
80 लाख से लेकर 4 करोड़ तक के फायर स्टेशन
नगर निगम ट्रेंचिंग ग्राउंड में 80 लाख की लागत से नया फायर स्टेशन बना रहा है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर बनने वाले फायर स्टेशनों के लिए बड़ी राशि खर्च होगी। अफसरों का कहना है कि बड़े फायर स्टेशन दो से लेकर चार करोड़ तक में बनेंगे। इसके साथ-साथ वहां कई फायरकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए नई भर्ती भी होगी, क्योंकि वर्तमान में फायर स्टेशनों पर स्टाफ की कमी है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड की कई नई दमकलें और अत्याधुनिक संसाधन भी खरीदे जाएंगे।
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