
एयरपोर्ट स्टेशन के लिए 70 फीट गहरा गड्ढा भी तैयार, मशीन पहुंचते ही अंडरग्राउंड रुट का काम होगा शुरू, मेट्रो कॉर्पोरेशन की टीम ने किया मशीन का परीक्षण भी
इंदौर। मेट्रो (Metro) के अंडरग्राउंड रुट (Underground route) तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। एयरपोर्ट स्टेशन (Airport Station) के लिए 70 फीट गहरा गड्ढा भी खोद दिया है और जैसे ही थाईलैंड से दो बोरिंग टनल मशीन (Boring Tunnel Machine) इंदौर (Indore) पहुंचेगी इस खोदे गए गड््ढे के जरिए अंडरग्राउंड रुट तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा। मध्यप्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की टीम ने थाईलैंड जाकर इन मशीनों को देखा और उसका फैक्ट्री परीक्षण भी करवाया, जो सफ ल साबित हुआ। पहली खेप में दो बोरिंग टनल मशीन थाईलैंड से इंदौर आएगी। अत्याधुनिक तकनीक वाली ये मशीन थाईलैंड की टेराटेक कम्पनी द्वारा बनाई गई है।
हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन और टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड के जॉइंट वेंचर ने इंदौर मेट्रो अंडरग्राउंड रुट का ठेका 2200 करोड़ रुपए में लिया है। इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में कई तरह के अड़ंगे डलते रहे और अभी भी जनहित याचिका के साथ रहवासियों-दुकानदारों का विरोध है। हालांकि मेट्रो कॉर्पोरेशन का कहना है कि जमीन के अंदर मशीन से जो टनल बनेगी उससे जमीन के किसी भी स्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं होगा। यही कारण है कि वर्तमान में जो सबसे आधुनिक तकनीक अंडरग्राउंड रुट में इस्तेमाल की जा रही है वही इंदौर मेट्रो में भी अपनाई जाएगी। यही कारण है कि मेट्रो कॉर्पोरेशन की टीम ने थाईलैंड जाकर टनल बोरिंग मशीन को देखा और उसका फैक्ट्री परीक्षण भी करवाया। उल्लेखनीय है कि 32 किलोमीटर का इंदौर मेट्रो का जो पहले चरण का प्रोजेक्ट है उसमें से अब लगभग 11 से 12 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा और शेष 20 किलोमीटर के हिस्से में एलिवेटेड कॉरिडोर निर्मित किया गया है। अभी खजराना चौराहा के बाद रेलवे स्टेशन का जो अंडरग्राउंड रुट बाद में स्वीकृत हुआ उसका सर्वे करने के बाद टेंडर बुलाए जाएंगे। पूर्व में मेट्रो कॉर्पोरेशन ने स्टेशन से लेकर एयरपोर्ट तक के लगभग 9 किलोमीटर के हिस्से में अंडरग्राउंड रुट और मेट्रो स्टेशनों के निर्माण का ठेका हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन और टाटा प्रोजेक्ट को सौंपा है। अभी रीगल तिराहा से लेकर शिवाजी मार्केट, उसके बाद बड़ा गणपति, एयरपोर्ट के बीच स्टेशन निर्माण की प्रक्रियाशुरू की गई है और एयरपोर्ट से ही अंडरग्राउंड रुट बनेगा, ताकि गांधी नगर तक इसकी कनेक्टीविटी भी तैयार हो जाए, जिससे एयरपोर्ट से गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर होते हुए रेडिसन तक के 18 किलोमीटर वाले हिस्से में मेट्रो का यात्री संचालन शुरू किया जा सके। अभी गांधी नगर से रेडिसन तक 17 किलोमीटर तक का एलिवेटेड कॉरिडोर संचालन के लिए तैयार है, जिसका लोकार्पण जल्दी ही होना है।
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