मॉस्को। रूस में ड्रग्स तस्करी (Drug trafficking , Russia) का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कुछ लोगों ने जेल के भीतर नशीले पदार्थ (Narcotic substances) पहुंचाने के लिए एक आवारा बिल्ली का इस्तेमाल करने की कोशिश की। तस्करों ने बिल्ली के गले में विशेष कॉलर बांधकर उसमें ड्रग्स छिपा दिए, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, जेल सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के चलते यह योजना सफल नहीं हो सकी और बिल्ली को जेल परिसर में प्रवेश करने से पहले ही पकड़ लिया गया।
यह घटना रूस के निज़नी नोवगोरोद स्थित करैक्शनल कॉलोनी नंबर-17 की है। जेल के सुरक्षाकर्मियों ने एक बिल्ली को परिसर की ओर आते देखा। शुरुआत में वह सामान्य आवारा बिल्ली जैसी लगी, लेकिन उसके गले में बंधे दो कपड़े के कॉलर ने सुरक्षाकर्मियों का ध्यान खींच लिया।
संदेह होने पर अधिकारियों ने बिल्ली को सुरक्षित पकड़कर उसके गले से कॉलर हटाए और उनकी जांच शुरू की।
जांच के दौरान कॉलर के भीतर संदिग्ध सामग्री मिली। इसके बाद मौके पर स्निफर डॉग बुलाया गया, जिसने पुष्टि की कि कॉलर में प्रतिबंधित नशीले पदार्थ छिपाए गए थे।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि इन ड्रग्स को जेल के भीतर बंद किसी कैदी तक पहुंचाने की योजना थी। अधिकारियों का मानना है कि तस्करों ने सोचा होगा कि बिल्ली आसानी से दीवारों और झाड़ियों के बीच से निकलकर जेल परिसर तक पहुंच जाएगी और किसी को उस पर शक भी नहीं होगा।
जेल प्रशासन की सतर्कता के कारण बिल्ली जेल के अंदर पहुंच ही नहीं सकी। सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उसे रोक लिया और ड्रग्स बरामद कर लिए। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई।
रूस की फेडरल पेनिटेंशरी सर्विस (FSIN) के अनुसार, ड्रग्स बरामद होने के बाद बिल्ली का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। जांच में वह पूरी तरह स्वस्थ पाई गई और उसे किसी तरह की चोट नहीं पहुंची थी। इसके बाद उसे सुरक्षित छोड़ दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि बिल्ली इस मामले में केवल तस्करों के हाथों इस्तेमाल की गई थी और उसका किसी अपराध में कोई दोष नहीं है।
पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि बिल्ली के जरिए ड्रग्स भेजने की योजना किसने बनाई। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि बिल्ली के गले में कॉलर किसने बांधे, नशीले पदार्थ कहां से आए और उन्हें जेल के अंदर किस कैदी तक पहुंचाया जाना था।
यह पहली बार नहीं है जब अपराधियों ने जानवरों का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया हो। दुनिया के कई देशों में पहले कबूतरों के जरिए मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान जेलों तक पहुंचाने की कोशिशें सामने आ चुकी हैं। हालांकि, बिल्ली के माध्यम से ड्रग्स पहुंचाने की यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नया और असामान्य मामला मानी जा रही है।
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने हैरानी जताई। कई यूजर्स ने इसे किसी फिल्म की कहानी जैसा बताया, जबकि कुछ ने कहा कि अपराधी सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों ने इस बात पर राहत जताई कि बिल्ली को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा और उसे सुरक्षित छोड़ दिया गया।
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