नई दिल्ली/नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों (Objectionable remarks) से जुड़े मामले में सोशल मीडिया पर दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें “गुमराह बच्चे” बताते हुए माफ कर दिया है। वहीं, दूसरे वीडियो में खुद को रुचिका सिंह बताने वाली एक किशोरी हाथ जोड़कर माफी मांगती नजर आ रही है। हालांकि, दोनों वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले में पहले से ही नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे उन्हें “गुमराह बच्चे” मानते हैं और उनकी गलती को माफ करते हैं। वीडियो में कथित तौर पर लोकतंत्र, संवाद और गलतियों से सीखने की बात भी कही गई है।
हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसकी प्रामाणिकता की जांच अभी बाकी है।
इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें खुद को रुचिका सिंह बताने वाली एक किशोरी हाथ जोड़कर माफी मांगती दिखाई देती है। वीडियो में वह दावा करती है कि वह अपने मित्र के साथ प्रदर्शन स्थल पर गई थी और वहां मौजूद लोगों के प्रभाव में आकर उसने आपत्तिजनक बातें कह दीं।
वीडियो में वह अपने व्यवहार पर पछतावा जताते हुए पूरे देश से माफी मांगती है और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने की बात कहती है। हालांकि, इस वीडियो की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट, संबंधित अकाउंट्स और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह चंदेल ने सार्वजनिक रूप से जानकारी दी थी कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
फिलहाल, पूरा मामला जांच के अधीन है। सोशल मीडिया पर वायरल दोनों वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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