
इंदौर। इंदौर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एमजीएम मेडिकल कॉलेज में फार्मासिस्ट के पद पर पदस्थ राकेश गोरखे के ठिकानों पर छापा मारा है। शुरुआती जांच में आय से अधिक संपत्ति और शासन को करोड़ों रुपये की चपत लगाने के आरोपों से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। ईओडब्ल्यू की टीम स्कीम नंबर-140 स्थित आवास सहित शहर के कई अन्य ठिकानों पर दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। कार्रवाई के बाद मामले को लेकर मेडिकल महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
सुबह से ही ईओडब्ल्यू की टीम ने स्कीम नंबर-140 स्थित राकेश गोरखे के निवास पर दबिश देकर तलाशी शुरू की। जांच के दौरान घर से कई सरकारी दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि गोरखे और उनसे जुड़े लोगों के नाम पर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कई संपत्तियां मौजूद हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य ठिकानों की भी पड़ताल शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक कार्रवाई केवल एक मकान तक सीमित नहीं है, बल्कि संपत्तियों और निवेश के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
ईओडब्ल्यू की जांच में अब तक संघवी रेसिडेंसी, सद्गुरु कॉलोनी, बड़िया कीमा, साकार सिटी, साहिल रेसिडेंसी और ओमेक्स सिटी में भी गोरखे या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर संपत्तियों की जानकारी मिली है। टीम इन संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद-फरोख्त और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक गोरखे पर अपने कार्यकाल के दौरान मिलीभगत कर शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। उल्लेखनीय है कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज में मारपीट की घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन ने राकेश गोरखे को निलंबित कर शासकीय मनोरोग अस्पताल, बाणगंगा में अटैच कर दिया था। अब ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद इस पूरे मामले की परतें खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। फिलहाल ईओडब्ल्यू की जांच जारी है और बरामद दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved