
इंदौर। पर्युषण महापर्व में दौरान बाहरी भोजन, यानी होटलों और कैंटीन का भोजन निषेध रहता है, जिसके कारण इंदौर में दूसरे शहरों से आकर पढ़ाई करने वाले जैन समाज के बच्चों को पर्युषण पर्व पर शुद्ध भोजन कराने का बीड़ा नीलवर्णा पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक ट्रस्ट वर्षों से उठा रहा है।
नीलवर्णा पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय मेहता ने बताया कि जैन विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था पिछले 15 सालों से ट्रस्ट लगातार करता आ रहा है। इस बार भोजन के लिए राजस्थान, महाराष्ट्र , उत्तरप्रदेश के अलावा विदिशा, राजगढ़, नरसिंहपुर, झाबुआ, खरगोन, खंडवा व अन्य स्थानों के 385 से अधिक छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। उन्हें दोनों समय नि:शुल्क शुद्ध और सात्विक जैन भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
रसोई में पूरी शुद्धता के साथ भोजन तैयार किया जाता है। भोजन के लिए मसाला भी रोज तैयार किया जाता है। 15 वर्ष पूर्व शुरू की गई भोजन व्यवस्था के पहले साल कुछ विद्यार्थी ही लाभ उठाते थे। इसके बाद से लगातार यहां विद्यार्थियों की संख्या साल-दर-साल बढ़ती गई। इस साल इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कॉलेज के छात्र, हाईकोर्ट के वकील और दूसरे शहरों से आकर नौकरी करने वाले लोग भी भोजन व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं। अगर कोई बाहरी व्यक्ति भी यहां आता है तो उसे भी ट्रस्ट द्वारा ससम्मान भोजन कराया जाता है।
कई विद्यार्थी टिफिन में भी ले जाते हैं भोजन
पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की ऑनलाइन क्लास और कोचिंग भी होती है। समयाभाव रहता है, ऐसे में कई छात्र-छात्राएं टिफिन में भी भोजन अपने रूम और होस्टल तक ले जाते हैं। सुबह 10.30 से 2 बजे तक और शाम 4.30 से 6 बजे तक भोजन व्यवस्था जारी रहती है।
रोजाना बनता है शुद्ध सात्विक भोजन
भोजन बनाने वाले पुष्प महाराज ख्यात हलवाई मथुरा महाराज के लड़के हैं। वे चवला, मूंग, मोंठ , कड़ी, छोले, बेसनगट्टे की सब्जी, चावल, खिचड़ी, दो मिठाई, भजिए, नमकीन, रोटी और पूरी आदि बना रहे हैं। वहीं पर्युषण पर्व के अंतिम दिन सभी के लिए मालवी भोजन दाल-बाफले, लड्डू बनाएंगे।
भोजन व्यवस्था वितरण में यह दे रहे सेवाएं
ट्रस्ट से जुड़े मनीष मारू, मनोज भाजवत, रूपेश शाह, नितिन लुनिया, दिनेश जैन, संजय लुनिया, नवीन चौरड़िया, रवि शाह सहित अन्य युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन भोजन वितरण व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं। भोजन सेवा के लाभार्थी अग्निबाण परिवार से हैं।
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