वाशिंगटन। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव (US Midterm Elections) के नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के प्रशासन में इस्तीफों का सिलसिला शुरू हो गया है। न्याय विभाग के सिविल राइट्स डिवीजन की प्रमुख भारतवंशी हरमीत ढिल्लों (Harmeet Dhillon) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चुनाव के बाद पद छोड़ने वाली वह ट्रंप प्रशासन की पहली अधिकारी बताई जा रही हैं। गुरुवार को अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने उनके इस्तीफे की घोषणा की और कार्यकाल के दौरान उनके योगदान की सराहना की।
टॉड ब्लैंच ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि हरमीत ढिल्लों ने पूरे विश्वास और प्रतिबद्धता के साथ सिविल राइट्स डिवीजन का नेतृत्व किया। उन्होंने हर अमेरिकी की नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा की और बिना किसी डर या पक्षपात के कानून लागू किया। न्याय विभाग उनकी समर्पित जनसेवा के लिए आभारी है और भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता है।
हरमीत ढिल्लों ने चुनाव अभियान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की कानूनी सलाहकार के रूप में काम किया था। सत्ता में लौटने के बाद ट्रंप ने उन्हें न्याय विभाग के सिविल राइट्स डिवीजन की जिम्मेदारी सौंपी थी। असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल के रूप में करीब डेढ़ साल के कार्यकाल में उन्होंने विभाग की प्राथमिकताओं और कार्यशैली में बड़े बदलाव किए।
ढिल्लों ने विभाग के पारंपरिक कामकाज, जैसे चुनाव में भागीदारी को बढ़ावा देने और पुलिस सुधार से जुड़े मामलों के बजाय तथाकथित ‘वोक आइडियोलॉजी’ के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में विभाग को ट्रंप प्रशासन की नीतियों के अनुरूप ढालने की कोशिश की गई।
अदालतों में लगातार हार से कमजोर हुई पकड़
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव के बाद ढिल्लों का पद छोड़ना लगभग तय माना जा रहा था। विभाग में उनकी पकड़ पिछले कुछ महीनों से कमजोर पड़ रही थी। इसके पीछे अदालतों में उनके नेतृत्व में दायर मुकदमों को मिली लगातार हार और सहकर्मियों के बीच उनके कामकाज को लेकर बनी धारणाओं को प्रमुख वजह बताया गया है।
ढिल्लों को सबसे बड़ा झटका मतदाता सूचियों तक पहुंच हासिल करने की कोशिशों में लगा। उन्होंने राज्यों की मतदाता सूचियों की जांच के लिए मुकदमे दायर किए थे। उनका तर्क था कि इससे गैर-नागरिकों के नाम मतदाता सूचियों से हटाने में मदद मिलेगी। हालांकि, विभिन्न अदालतों ने इन मुकदमों को खारिज कर दिया। न्यायाधीशों ने मतदाताओं के अधिकारों और उनकी निजी जानकारियों तक सरकारी पहुंच को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
इस्तीफे पर ढिल्लों की ओर से बयान नहीं
हरमीत ढिल्लों ने फिलहाल अपने इस्तीफे को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया है। वहीं, न्याय विभाग के नेतृत्व ने उनके कार्यकाल और जनसेवा की सराहना की है। उनके इस्तीफे को मिडटर्म चुनाव के बाद ट्रंप प्रशासन में संभावित प्रशासनिक बदलावों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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