
नर्मदा और बोरिंग के भरोसे 50 लाख की आबादी, अब तालाबों की सफाई, बाधाएं हटाने की ली सुध, 10 चैनलों की सफाई अभी शुरू करवाई
इंदौर। इन दिनों भीषण जलसंकट (Severe Water Crisis) झेल रहे इंदौर (Indore) में जहां भू-जल स्तर (Groundwater Level) तेजी से गिरा है, वहीं विगत वर्षों में कुएं-बावडिय़ों (Wells and stepwells) के साथ-साथ तालाबों का भी खात्मा होने लगा। शहर में कई कुएं-बावडिय़ों को बंद कर ऊपर मल्टियां बना दी, तो कॉलोनियां भी कट गई। अब यही स्थिति तालाबों के कैचमेंट एरिया पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण के चलते हुई है। लगभग ढाई हजार एकड़ तालाबों की जमीनों में से 700 एकड़ जमीनें गायब हो गई।
नगर निगम के कर्णधार सिर्फ नर्मदा के भरोसे ही रहते हैं। तीन चरणों के बाद अब डेढ़ हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च कर चौथा चरण लाने जा रहे हैं। इसमें दावा किया गया कि इंदौर का जलसंकट दूर हो जाएगा। जबकि हकीकत यह है कि तेजी से चारों तरफ बढ़ रहे इंदौर की आबादी 50 लाख पार की है और नर्मदा का पानी कम मिलता ही है, वहीं बोरिंग भी तेजी से सूखने लगे। वैसे भी लगभग आधी आबादी बोरिंगों पर ही निर्भर है। अभी चूंकि अधिकांश बोरिंग बंद हो गए, जिससे पूरी निर्भरता नर्मदा पर आ गई और शहरभर में जलसंकट को लेकर त्राहिमाम् मचा है। यहां तक कि प्रमुख तालाब भी या तो सुख गए या उनमें आधा पानी ही फिलहाल बचा है। इतना ही नहीं, बिलावली, सुख निवास सहित अन्य तालाबों की जमीनें ही कम हो गई और लगभग 700 एकड़ में अतिक्रमण और अवैध कब्जे हो गए, जहां कॉलोनी कट गई। मैरिज गार्डन, बिल्डिंगें-मल्टियां तन गई। यहां तक कि बायपास के आसपास दो दर्जन तालाब रिकॉर्ड में बताए जाते हैं। इनमें से भी आधा दर्जन से अधिक तालाब गायब हो गए। इन पर सडक़ों से लेकर अन्य निर्माण हो गए। वहीं अन्य तालाब भी खतरे की कगार पर हैं। हर साल गर्मियों में इन तालाबों की गाद निकालने, चैनलों की सफाई करने का अभियान भी चलता है। कल भी कलेक्टर शिवम वर्मा और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल सिरपुर और लिम्बोदी तालाब का अवलोकन करने पहुंचे और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत चल रहे संरक्षण और विकास कार्यों को देखा। निगमायुक्त ने जिन चैनलों की सफाई के निर्देश दिए उनमें केलोद करताल चैनल, मोरोद माचला चैनल, निपानिया तालाब चैनल, भंवरासाला तालाब चैनल सफाई का कार्य पूर्ण, रेवती रेंज चैनल, राव बिलावली चैनल, ओएस्टर से लिंबोदी तालाब, सिरपुर तालाब कैट से आने वाली चैनल, सेज यूनिवर्सिटी के सामने बिलावली तालाब की चैनल, ओमेक्स हील्स से निकलने वाली बिलावली तालाब की चैनल शामिल है।
842 साल पुरानी बावड़ी का जीर्णोद्धार भी शुरू
कल 1184 में निर्मित यानी 842 साल पुरानी प्राचीन बावड़ी का जीर्णोद्धार भी शुरू हुआ। जनपद पंचायत इंदौर द्वारा राऊ विधानसभा के तिल्लौरखुर्द में जनभागीदारी के साथ प्राचीन बावड़ी के संरक्षण के प्रयास शुरू हुए। इस अवसर पर महंत श्री सुमेश्वर गिरी जी महाराज भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सदियों पुरानी यह बावड़ी भारतीय संस्कृति, आस्था और पर्यावरणीय चेतना का जीवंत प्रतीक है। इस अवसर पर विधायक मधु वर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष विश्वजीतसिंह सिसोदिया सहित अन्य क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
सवा लाख इंदौरी घरों में वॉटर रीचार्जिंग संयंत्र लगे
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देश पर अभी जो जलगंगा संवर्धन अभियान प्रदेशभर में चलाया जा रहा है उसके सुखद परिणाम आने वाले दिनों में मिलेंगे। इस बार भीषण गर्मी और पिछली बार कम हुई बारिश के कारण इंदौर में हजारों की संख्या में बोरिंग सूख गए, लेकिन जहां वॉटर रिचार्ज ड्रॉफ्ट बनाए थे और जिन घरों की छतों का पानी बोरिंग में उतारने का काम किया वे बोरिंग इस बार नहीं सूखे और अभी तक हम सवा लाख से ज्यादा वॉटर रिचार्जिंग के संयंत्र लगा चुके हैं। इस बार 15 हजार का लक्ष्य रखा है। इनमें से चार हजार घरों में ये वॉटर रिचार्जिंग के काम कराए जा चुके हैं। वहीं आयुक्त क्षितिज सिंघल ने मूसाखेड़ी स्थित स्काडा का निरीक्षण किया और जलप्रदाय केन्द्रों, पम्पिंग स्टेशनों के साथ टंकियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी देखी।
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