
इंदौर-हरदा फोरलेन को जोड़ने के लिए एमआर-10 फ्लायओवर के साथ अंडरपास निर्माण में तेजी, बोगदों का नहीं करना पड़ेगा इस्तेमाल
इंदौर। बायपास (bypass) पर नेशनल हाईवे (National Highway) द्वारा तीन फ्लायओवरों (Flyovers) के निर्माण करवाए जा रहे हैं, जिनमें से अर्जुन बड़ौद, एमआर-10 और रालामण्डल पर जल्द यातायात शुरू होने की उम्मीद है। इसमें सबसे अधिक महत्वपूर्ण एमआर-10 जंक्शन पर बन रहा फ्लायओवर है, क्योंकि अभी सबसे अधिक यातायात का दबाव निपानिया-झलारिया के इस हिस्से पर रहता है और बायपास क्रॉस करने के वक्त बोगदों में लगातार जाम रहता है। अभी शादियों के मौसम में तो जाम की स्थिति और भीषण हो जाती है।
एमआर-10 फ्लायओवर का निर्माण अगले दो माह में पूरा होने के साथ इंदौर-हरदा फोरलेन को जोडऩे के लिए अंडरपास भी निर्मित किया जा रहा है, जिसके निर्माण में भी तेजी आई है। इस अंडरपास के शुरू होने के बाद बोगदों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा और बेस्ट प्राइज से सीधे सामने झलारिया की तरफ आवागमन सुगम हो जाएगा। बायपास पर सबसे ज्यादा यातायात का दबाव एमआर-10 जंक्शन से लेकर डीपीएस स्कूल और उसके आसपास अधिक रहता है, क्योंकि सबसे अधिक मैरिज गार्डन, होटल और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान इसी क्षेत्र में आते हैं। अभी डायवर्शन के कारण भी लगातार जाम की स्थिति रहती है। यहीं सामने सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल फिनिक्स सिटाडेल भी मौजूद है, जिसके चलते शनिवार-रविवार को तो जाम की स्थिति तो रहती ही है, वहीं शादियों और अन्य आयोजनों के दौरान भी बोगदों पर लम्बा जाम लग जाता है। नेशनल हाईवे का कहना है कि एमआर-10 फ्लायओवर का निर्माण अगले दो माह में पूरा हो जाएगा और उम्मीद है कि जून अंत तक यातायात शुरू किया जा सके। साथ ही इस फ्लायओवर के नीचे अंडरपास भी निर्मित किया जा रहा है। 125 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में सिक्स लेन के फ्लायओवर के साथ-साथ जो अंडरपास बन रहा है उससे बायपास को क्रॉस करना आसान हो जाएगा। फ्लायओवर का एक सिरा एमआर-10 जंक्शन पर दस्तूर गार्डन के पास और दूसरा सिरा बेस्ट प्राइज के आगे रहेगा।