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देश में पहली बार मप्र में लगेगी वर्चुअल पासपोर्ट अदालत

  • जिन आवेदकों की फाइलें होल्ड हैं उन्हें अधिकारी व्हाट्सएप वीडियो कॉल करेंगे

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (Regional Passport Office) की ओर से आवेदकों के लिए वर्चुअल पासपोर्ट अदालत (virtual passport court) का आयोजन किया जा रहा है। ऐसा करने वाला मप्र देश में पहला राज्य है। दरअसल, कोरोना संक्रमण (Coronavirus infection) के चलते मार्च और जून 2020 में आयोजित होने वाली पासपोर्ट अदालतों को रद्द करना पड़ा था। प्रदेश में संक्रमण का खतरा अभी भी कम नहीं हुआ है, ऐसे में विभाग ने निर्णय (the department decided) लिया है कि 12 अगस्त से वर्चुअल पासपोर्ट अदालत का आयोजन किया जाएगा।

पासपोर्ट विभाग के अधिकारी रोजाना 100 से 150 आवेदकों को करेंगे वीडियो कॉल
मप्र की रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर रश्मि बघेल (MP Regional Passport Officer Rashmi Baghel) ने बताया कि जुलाई 2019 से अब तक के ऐसे सभी आवेदक जिन्होंने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था लेकिन दस्तावेजों की कमी या एडवर्स पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट के कारण उनकी फाइल होल्ड हो गई है तो अब उन्हें अब घर बैठे ही पासपोर्ट अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखने का एक मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह वर्चुअल पासपोर्ट अदालत करीब 1 महीने तक हर वर्किंग डे पर आयोजित होगी। इसमें राेजाना 100 से 150 आवेदकों को अटेंड किया जाएगा। पासपोर्ट अधिकारी ने बताया एक दिन मैंने अपने बच्चे के टीचर को व्हाट्सएप के जरिए होम-वर्क चेक करते हुए देखा। तभी मुझे इस वर्चुअल पासपोर्ट अदालत का आइडिया आया। बता दें, अभी तक सिर्फ दिल्ली में पासपोर्ट से जुड़ी वर्चुअल इंक्वायरी के लिए गूगल हैंगआउट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

जानिए, कैसी होगी यह वर्चुअल पासपोर्ट अदालत
इस वर्चुअल अदालत में अधिकारियों की एक टीम 12 अगस्त 2020 से -918 डिजिट के साथ समाप्त होने वाले मोबाइल नंबर से आवेदक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप वीडियो कॉल करेगी। अगर कोई आवेदक ऐसा है जिसके पास व्हाट्सएप की सुविधा मौजूद नहीं है, उनसे ऑडियो कॉल के जरिए बात की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनके आसपास के किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल कर वेरिफिकेशन किया जा सकता है। आवेदक के पास जो दस्तावेज कम हैं, यदि वो ई-मेल या डाक के माध्यम से पासपोर्ट विभाग तक पहुंचाता है तो जल्द से जल्द उसका पासपोर्ट जारी किया जाएगा। पासपोर्ट अधिकारी का कहना है कि आवेदक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप डाउनलोड कर लें, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा ना हो।

जुलाई 2019 से अब तक करीब 2500 पासपोर्ट फाइलें हैं होल्ड
पासपोर्ट ऑफिसर रश्मि बघेल ने बताया कि जुलाई 2019 से अब तक मप्र में करीब 2500 पासपोर्ट फाइल्स तमाम कारणों से पेंडिंग हैं। इनके निस्तारण के लिए इस वर्चुअल अदालत का आयोजन किया जा रहा है।

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