ज़रा हटके

संभाल कर रखते रहे बाप-दादा की कलम, आज 1 करोड़ रुपये से अधिक है कीमत

गया: आपने कई बार देखा सुना होगा कि लोगों को पुरानी चीजें इकट्ठा करने का शौक होता है. आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें पुराने पेन रखने का शौक है. बिहार के गया के रहने वाले मो जावेद युसुफ को पेन इकट्ठा करने का शौक है. यह शौक उन्हें विरासत में मिली है. जावेद के पास कलम की एक लाइब्रेरी है और उनके पास 100 से अधिक कीमती कलम हैं.

मो जावेद यूसुफ के दादा और पिता को कलम खरीदने का शौक था. इनके दादा ब्रिटिश हुकूमत में डीएसपी थे और पिता मजिस्ट्रेट रहते हुए डीएम पद से रिटायर हो गए थे. उन दिनों इनके दादा और पिता दस्तखत करने के लिए कई कलम खरीदते थे जो काफी मंहगे और अनोखे हुआ करते थे. इनके पास पारकर, पेलिकन, इकर शार्प, रोल्ड गोल्ड, शिफर्स, क्रास डाटपेन जैसी ब्रांडेड कंपनी के कलम हुआ करते थे. उस समय उनकी कीमत 15-20 हजार रुपया हुआ करती थी लेकिन, आज की तारीख में इन कलम की कीमत लाखों में है.


जावेद के पास मौजूद कलम की खासियत यह है कि सभी कलम के निब और कवर गोल्ड, प्लैटिनम प्लेटेड हैं. कई कलम ऐसी हैं जो 24 कैरट सोने से बनी हुई हैं. आज की तारीख में सभी कलम चालू हालात मे हैं और जावेद ने सभी कलम को संभालकर लाॅकर में रख दिया है. उन दिनों यह पेन तीन के सेट में आया करते थे. इनके पास मौजूद सभी कलम विदेशों से आती थी और पारकर और शिफर्स जैसी कंपनी के कलम की कीमत आज की तारीख में 2 से 4 लाख रुपए तक है. मो जावेद यूसुफ बताते हैं कि इनके पास मौजूद कलम महंगी होने के साथ ही काफी रेयर हैं. आज यह कलम बाजार में मिलना मुश्किल है.

जावेद ने बताया कि उनके वालिद और दादा कलम के काफी शौकिन थे. अपने समय में वे कोट में 3-4 कलम लगाकर ऑफिस जाया करते थे. उनके निधन के बाद जावेद ने भी काफी कलम इकट्ठा किए. आज उनके पास ब्रांडेड कंपनियों के 100 से अधिक महंगे कलम मौजूद हैं. सभी कलम 1880 से लेकर 1960 तक के हैं. सब कलम में सोना और प्लेटिनम जड़े हुए हैं. कई कलम के निब भी सोने के हैं. कुल मिलाकर सभी कलम की कीमत मिलाकर आज की तारीख में एक करोड़ रुपये से अधिक है.

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