उज्‍जैन मध्‍यप्रदेश

लोग तय समय पर नहीं पहुंचे तो स्लॉट हो रहे ऑटोमेटिक केंसिल

उज्जैन। लॉकडाउन में करीब दो महीने रजिस्ट्री का काम ठप रहा। अनलॉक के बाद जैसे ही रजिस्ट्रियां (registries) शुरू हुई, लोगों की भीड़ बढऩे लगी। इधर अधिक रजिस्ट्री (registries) हो और राजस्व बढ़े,यह सोचकर रजिस्ट्रार कार्यालय ने रजिस्ट्री के स्लाट का समय कम कर दिया। अब एक रजिस्ट्री के लिए 30 मिनट की जगह 10 मिनट का ही स्लॉट दिया जा रहा है, लेकिन लोगों की समस्या बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि वे जरा भी लेट हो जाते हैं तो स्लॉट आटोमेटिक कैंसिल हो रहा है।


भरतपुरी स्थित जिला पंजीयन कार्यालय पर रजिस्ट्री अनलॉक के पहले दिन से ही शुरू हो गई थी, लेकिन कई दिनों तक इसमें तेजी नहीं आई। ऐसे में एक दिन में ज्यादा रजिस्ट्री के लिए इसका टाइम स्लॉट घटा दिया गया। रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन के वक्त ही टाइम स्लॉट अलॉट होता है। ऐसे में लोगों को रजिस्ट्री के लिए निर्धारित समय पर पहुंचना जरूरी है। यदि कोई पक्षकार समय से एक-दो मिनिट भी लेट हुआ तो उसका स्लॉट ऑटोमेटिक केंसल हो जाता है। उन्हे दोबारा से नया स्लॉट लेना पड़ता है। इस व्यवस्था के चलते बाहर से रजिस्ट्री के लिए आए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
इस संबंध में जिला पंजीयक मंजुलता पटेल का कहना है कि लोगों को समय पर आना चाहिए। तय स्लॉट का पता रहता है, फिर देरी केसे हो जाती है? अन्य लोग भी इंतजार में रहते हैं। हमारी ओर से किसी प्रकार से परेशान नहीं किया जा रहा है।
मेकर की संख्या भी कम
जिला पंजीयन एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश बंसल ने बताया कि प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के दौरान पक्षकारों व गवाहों के फोटो खींचने का काम मेकर्स को और दस्तावेजों की जांच पड़ताल की जिम्मेदारी चेकर्स के हवाले होती है, लेकिन इस समय जिला पंजीयन कार्यालय पर 5 चेकर्स के बीच केवल 2 ही मेकर्स नियुक्त है। इनकी कमी भी परेशानी का कारण बन रहा है।

 

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