
रहवासियों का आरोप… अचानक हुई कार्रवाई… हो रहा भेदभाव
इंदौर। भागीरथपुरा (Bhagirathpura) सांई मंदिर से लेकर आसपास के अन्य क्षेत्रों की सडक़ों (Roads) के किनारे बने मकानों (houses) के अवैध कब्जे हटाने का काम निगम की टीम द्वारा किया गया। कुछ जगह लोगों को खुद अपने अवैध निर्माण हटाने को कहा गया है। इस मामले को लेकर रहवासियों ने आरोप लगाया कि अचानक निगम की टीम द्वारा कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई को लेकर कुछ लोगों को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सडक़ पर कई बड़े पक्के निर्माण भी हैं।
कल भागीरथपुरा क्षेत्र में कहीं निगम तो कहीं रहवासियों ने खुद अपने स्तर पर तोडफ़ोड़ अभियान शुरू किया और घरों के बाहर किए गए अवैध निर्माण और फुटपाथ के साथ-साथ कई हिस्से तोड़े। भागीरथपुरा की कई गलियां कहीं अधिक संकरी हैं तो कहीं अधिक चौड़ी हैं। निगम द्वारा वहां पूरे क्षेत्र में लाइनें बिछाने से लेकर कई कार्य किए जा रहे हैं। इस दौरान कई जगह निगम के वाहन ही कई गलियों में पहुंच नहीं पा रहे थे। बड़े टैंकर नहीं पहुंचने की स्थिति में निगम द्वारा वहां पानी बांटने के लिए ट्रैक्टर टैंकर भेजे जा रहे हैं। सांई मंदिर और उसके आसपास की गलियों में निगम की टीमों ने लोगों से घरों के बाहर किए गए कब्जे हटाने को कहा था, जिसके चलते कई लोगों ने घरों के आगे बनाए गए ओटले, टिन शेड और पार्किंग के लिए बनाए गए स्थानों को खाली कर दिया है। क्षेत्रीय रहवासी रानू बौरासी के मुताबिक वहां कुछ मकानों को ही टारगेट कर कब्जे हटाने का काम किया जा रहा है, जबकि सडक़ पर कई जगह पक्के निर्माण हैं। आरोप है कि पार्षद कमल वाघेला के मकान के आगे ही कब्जे हैं, जिन्हें तोड़ा नहीं जा रहा है। रहवासियों ने निगम अफसरों को भी यह मामला बताया है। वहीं क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला का कहना है कि रजिस्ट्री वाली जमीन के हिस्से को छोडक़र हुए कब्जों को इसलिए हटवाया जा रहा है, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। कई गलियां संकरी हैं, जिसके कारण लोग परेशान होते हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved