उज्‍जैन न्यूज़ (Ujjain News)

मानसरोवर तालाब के नाम पर जमकर चला अवैध उत्खनन का खेल

  • तालाब तो नहीं बनाया-प्राइवेट सड़क कंपनी के लोग करोड़ों रुपए की मिट्टी और मुरम ले गए-ग्रामीणों के खेत धंसे

उज्जैन। जिले के एक गांव में मानसरोवर तालाब के नाम पर 10 फीट खोदने की अनुमति लेकर तालाब के स्थान पर करोड़ों रुपए की मिट्टी और मुरम खोद कर गांव के मुख्य मार्ग पर बड़ी खदान बना दी गई है। यहाँ से खोदी गई मिट्टी और मुरम बड़ी सड़क और पुल निर्माण में लगा दी गई है। अब हालात यह है कि जिस स्थान पर खुदाई की गई थी वहाँ के आसपास के खेत धंसने लगे हैं। उज्जैन के घटिया तहसील में आने वाली ग्राम पंचायत कालियादेह में पंचक्रोशी मार्ग पर एक 40 फीट की गहरी होद की तरह खुदाई की गई, जिसकी चौड़ाई लगभग 70 से 80 फिट और लंबाई 100 फिट के लगभग है और गहराई लगभग 40 फीट के लगभग है। यह जानलेवा खुदाई से कालियादेह ग्राम पंचायत क्षेत्र के हजारों ग्रामीण बेहद परेशान हैं। हालात यह है कि मुख्य मार्ग पर खोदी गई इस गहरी जमीन के पीछे क्या कारण है यह ग्रामीण अब तक नहीं समझ पाए लेकिन इस खुदाई से कई ग्रामीणों के खेत जमीन की सतह से नीचे बैठ गई है। ग्रामीणों को इस खदान में बच्चों के गिरने का डर लगातार लगा रहता है। पालतू पशु आए दिन गिरते हैं, रात के समय निकलने में ग्रामीणों को डर लगता है। पानी भराने के बाद तो यह जगह जानलेवा साबित होगी। कालियादेह ग्राम पंचायत के ग्रामीणों में इस अवैध खुदाई को लेकर आक्रोश तो है ही लेकिन ग्रामीण बताते हैं कि बाहरी मुख्य मार्गों पर सड़क निर्माण एवं पुल निर्माण की प्राइवेट कंपनियों द्वारा बगैर ग्राम पंचायत सरपंच की अनुमति के यह खुदाई की गई और मिट्टी और मुरम निकाल ली गई। ग्रामीणों ने कहा कि हमें कहा गया था कि मानसरोवर तालाब खोदा जा रहा है।



इस स्थान पर 10 फीट के मानसरोवर तालाब को खोदने की अनुमति ली गई थी लेकिन बड़ी खदान की तरह यहाँ पर जेसीबी और पोकलेन मशीन से गड्ढे कर डंपरों से मिट्टी और मुरम को भरकर ले जाया गया। ग्रामीणों द्वारा एवं ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा अधिकारियों को इसकी शिकायत की गई लेकिन अवैध उत्खनन पर कोई रोक नहीं लगी। मिट्टी और मुरम खोदने के बाद इस जानलेवा बड़े गड्ढे को बीच मुख्य मार्ग पर ऐसे ही छोड़ दिया गया है जो कि अब ग्रामीणों को हर तरह से नुकसान दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस खदान को समय रहते नहीं बुरा गया तो बड़ा हादसा तो होगा ही कई खेत भी बारिश के कारण मिट्टी की नमी के बाद और अधिक धँस जाएँगे। ग्रामीणों ने कहा कि समय रहते इस परेशानी की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो ग्रामीण परिवारों सहित आंदोलन करेंगे। मानसरोवर तालाब की परमिशन के नाम पर करोड़ों रुपए की मिट्टी और मुरम निकालकर ले जाने के मामले में ग्राम पंचायत कालियादेह के सरपंच आजाद पटेल ने अग्रिबाण को बताया कि मुझसे मिट्टी खोदने या मुरम खोदने की कोई परमिशन नहीं ली गई थी। शुरुआत में एक दो पुलिसकर्मी खुदाई वालों के साथ में आते थे पर हमारे मना करने पर पुलिसकर्मी कहते थे इनके पास परमिशन है। मेरे द्वारा अवैध उत्खनन की शिकायत अधिकारियों को की गई लेकिन रोक नहीं लगाई गई। सरपंच ने भी कहा कि परमिशन मानसरोवर तालाब की थी लेकिन तालाब की परमिशन पर यह उत्खनन किया गया और तालाब भी नहीं बनाया गया।

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