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ट्रंप के निशाने पर भारतीय मूल के FBI डायरेक्टर? काश पटेल को पद से हटा सकते हैं राष्ट्रपति

April 26, 2026

नई दिल्ली: भारतीय मूल के FBI डायरेक्टर काश पटेल (FBI Director Kash Patel) की कुर्सी खतरे में बताई जा रही है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन में अगली बड़ी छुट्टी काश पटेल की हो सकती है. इसके पीछे उनके शराब पीने से जुड़े विवाद, ईरानी हैकर्स द्वारा उनकी ईमेल हैक होना और कई अन्य मामले बताए जा रहे हैं. हालांकि व्हाइट हाउस ने कहा है कि ट्रंप का अभी भी काश पटेल पर भरोसा है.

अमेरिका की राजनीतिक डिजिटल समाचार पत्र Politico ने रिपोर्ट दी कि एक व्हाइट हाउस अधिकारी ने कहा कि काश पटेल को हटाना ‘अब बस वक्त की बात है.’ यानी अंदर से भी संकेत आ रहे हैं कि उनकी कुर्सी जा सकती है. ये रिपोर्ट उस वक्त आई जब वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस करेस्पॉन्डेंट्स डिनर के पास एक गोलीबारी की घटना हुई.

द इंटरसेप्ट नाम की एक मीडिया वेबसाइट ने रिपोर्ट किया कि काश पटेल ने खुद माना है कि उन्हें दो बार सार्वजनिक जगह पर शराब पीने के लिए गिरफ्तार किया गया था. पहली बार जब वो वर्जीनिया में पढ़ाई कर रहे थे और अभी नाबालिग थे. दूसरी बार न्यूयॉर्क में कानून की पढ़ाई के दौरान जब उन्हें शराब पीकर सार्वजनिक जगह पर पेशाब करने पर पकड़ा गया.


  • द अटलांटिक ने एक और रिपोर्ट में कहा कि काश पटेल ‘जाहिर तौर पर नशे में होने तक पीने के लिए जाने जाते हैं.’ इस रिपोर्ट पर काश पटेल ने 250 मिलियन डॉलर यानी करीब 2000 करोड़ रुपए का मुकदमा ठोक दिया है. अमेरिकी संसद के हाउस ज्युडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेट सांसदों ने मांग की है कि काश पटेल को ‘ऑडिट-सी’ नाम का एक टेस्ट देना चाहिए जो यह जांचता है कि कोई शख्स शराब के हानिकारक चक्र में तो नहीं फंसा. काश पटेल ने खुद कहा है कि उन्होंने “कभी भी काम के दौरान नशे में” नहीं रहे.

    ईमेल हैक का मामला क्या है?
    मार्च में एक बड़ी घटना हुई. ईरान से जुड़े एक हैकर ग्रुप ने काश पटेल की निजी ईमेल हैक करने का दावा किया. उन्होंने काश पटेल की तस्वीरें और उनका कथित रेज्युमे भी सार्वजनिक कर दिया. अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने माना कि हैक हुआ और जो सामग्री सार्वजनिक की गई वो असली लगती है. FBI डायरेक्टर की ईमेल का एक विदेशी दुश्मन देश द्वारा हैक होना बेहद गंभीर माना जाता है.

    पाम बोंडी की छुट्टी से क्या रिश्ता है?
    2 अप्रैल को ट्रंप ने अमेरिका की अटॉर्नी जनरल यानी मुख्य न्याय मंत्री पाम बोंडी को बर्खास्त कर दिया. काश पटेल पाम बोंडी को अपना गुरु मानते थे. ट्रंप बोंडी से इसलिए नाराज थे क्योंकि उनके मुताबिक बोंडी ने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मुकदमों में तेजी नहीं लाई और जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को सही तरीके से नहीं संभाला.

    FBI एजेंटों ने भी मुकदमा ठोका है
    मार्च में FBI के कुछ एजेंटों ने काश पटेल, पैम बोंडी, FBI और जस्टिस डिपार्टमेंट के खिलाफ मुकदमा दायर किया. इन एजेंटों को इसलिए नौकरी से निकाला गया था क्योंकि उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को पलटने की ट्रंप की कथित कोशिशों की जांच की थी. यानी अपनी ही एजेंसी के अंदर से भी काश पटेल का विरोध हो रहा है.

    व्हाइट हाउस का क्या कहना है?
    इन सब विवादों के बीच जब पत्रकारों ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट से पूछा कि क्या ट्रंप का काश पटेल पर भरोसा है, तो उन्होंने कहा कि हां, ट्रंप का FBI डायरेक्टर पर अभी भी भरोसा है. यानी आधिकारिक तौर पर अभी उनकी कुर्सी बची हुई है.

    काश पटेल कौन हैं?
    काश पटेल भारतीय मूल के अमेरिकी हैं. वो अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी FBI यानी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के प्रमुख हैं. 2024 के चुनाव में जमीन के MAGA यानी ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ आंदोलन के प्रमुख ठिकानों में से एक थे. वो अमेरिका के ‘डीप स्टेट’ यानी सरकार के अंदर छुपी कथित ताकतों के बारे में एक किताब भी लिखी है. वो पिछले 14 महीनों से FBI के डायरेक्टर हैं.

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