img-fluid

Middle East Crisis में भारत के प्लान-बी का कमाल….. ग्लोबल संकट के बीच Import-Export में वृद्धि

May 16, 2026

नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान तनाव (US-Iran Tensions), होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) बंद और इससे क्रूड की कीमतों (Crude Prices) में लगी आग के चलते ग्लोबल टेंशन चरम पर है. दुनिया के तमाम देशों में इससे उपजे तेल-गैस संकट (Oil and Gas Crisis) से हाहाकार मचा है और महंगाई की मार आम आदमी पर पड़ रही है. भारत भी इससे अछूता नहीं है, शुक्रवार को ही देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई. हालांकि, ये अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है और करीब चार साल बाद इसमें इजाफा हुआ है।

लेकिन बड़े ग्लोबल संकटों के बावजूद भारत सही ट्रैक पर आगे बढ़ रहा है. इसका एक ताजा उदाहरण देश के निर्यात के आंकड़े हैं. तमाम चुनौतियों के बाद भी भारतीय सामानों का एक्सपोर्ट अप्रैल महीने में बढ़कर 43.56 अरब डॉलर रहा है, जबकि आयात में भी तेज उछाल देखने को मिला है. कुल निर्यात की बात करें, तो ये 80.80 अरब डॉलर रहा है।


  • इन चीजों का खूब हुआ निर्यात
    कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार ये आंकड़े जारी करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश का निर्यात बढ़ रहा है. अप्रैल में ये 13.78 फीसदी की उछाल के साथ बढ़कर 43.56 अरब डॉलर हो गया. इसके अलावा अप्रैल में भारतीय आयात भी सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 71.94 अरब डॉलर हो गया।

     

    इस दौरान कई क्षेत्रों में निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई. अनाजों के निर्यात में सबसे अधिक 210.19% का उछाल आया, इसके बाद मीट, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों में 48.03% और इलेक्ट्रॉनिक सामानों में 40.31% की तेजी आई. पेट्रोलियम प्रोडक्ट, हस्तशिल्प, मरीन प्रोडक्ट, इंजीनियरिंग सामान, दवाएं और कॉफी में भी ग्रोथ देखने को मिली है.

    होर्मुज संकट का यहां पड़ा असर
    अप्रैल महीने में भारत का व्यापार घाटा 28.38 अरब डॉलर रहा. होर्मुज संकट के असर की बात करें, तो राजेश अग्रवाल ने बताया कि पिछले महीने पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात 28% घटकर 4.16 अरब डॉलर रह गया, जबकि अप्रैल 2025 में यह 5.78 अरब डॉलर था. इस क्षेत्र से आयात अप्रैल में 31.64% घटा और 10.47 अरब डॉलर रह गया।

    दुनिया में हाय-तौबा, भारत ने ऐसा संभाला
    आयात-निर्यात के इन ताजा आंकड़ों को देखकर साफ हो जाता है कि ट्रंप का टैरिफ अटैक हो या फिर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध से पैदा हुआ तेल-गैस संकट. मोदी सरकार का प्लान-बी (Modi Govt Plan-B) काम कर रहा है और इसका असर भी देखने को मिल रहा है।

    अमेरिका-ईरान युद्ध से मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच पाकिस्तान से लेकर साउथ कोरिया तक में हायतौबा मची नजर आई. लेकिन देश के आयात-निर्यात को सुचारू रखने के लिए सरकार कई बड़े कदम उठाए, इनमें आयात डेस्टिनेशंस की संख्या बढ़ाने के साथ ही ग्लोबल टेंशन के बीच भारतीय निर्यात के लिए नए बाजारों तक पहुंच शामिल है. बीते कुछ समय में भारत ने न्यूजीलैंड, यूरोपीय यूनियन समेत कई देशों से बड़े FTA साइन किए हैं।

    Share:

  • रेवंत रेड्डी का बड़ा दावा, अगले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी होंगे INDIA ब्लॉक के पीएम चेहरे

    Sat May 16 , 2026
    हैदराबाद। तेलंगाना (Telangana) के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (CM A. Revanth Reddy) ने राष्ट्रीय राजनीति को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। हैदराबाद में आयोजित एक कॉन्क्लेव के दौरान उन्होंने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) में कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ही INDIA ब्लॉक की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved