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इंदौर: BRTS 42 यूनिपोल का होगा बंटवारा

October 23, 2026

  • अब सिटी बस कंपनी के पास होंगे 25 फीसदी और निगम को मिलेंगे 75 प्रतिशत यूनिपोल

इन्दौर। बीआरटीएस कॉरिडोर के क्षेत्र में सिटी बस कंपनी द्वारा लगवाए गए 42 यूनिपोल का अब बंटवारा होगा। इसमें से 25 फीसदी यूनिपोल तो सिटी बस कंपनी के पास रहेंगे और बचे हुए 75 प्रतिशत का मालिक नगर निगम बन जाएगा। इस बारे में महापौर परिषद की अगली बैठक में फैसला लिया जाएगा।

प्रदेश में लोक परिवहन के सबसे सफल मॉडल सिटी बस की शुरुआत इंदौर से ही हुई थी। इंदौर के तत्कालीन कलेक्टर विवेक अग्रवाल द्वारा तैयार किए गए मॉडल में सिटी बस के संचालन के लिए बनाई गई कंपनी में नगर निगम को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई थी। सिटी बस को माना तो कलेक्टर की बस जाता था, लेकिन उसके अध्यक्ष महापौर को रखा गया था। इस बस कंपनी में नगर निगम को पर्याप्त महत्व मिला था। इसके चलते हुए नगर निगम की ओर से प्रस्ताव मंजूर कर पुराने एबी रोड पर बनाए गए बीआरटीएस कॉरिडोर क्षेत्र के विज्ञापन के अधिकार सिटी बस कंपनी को दे दिए गए थे। इस अधिकार के तहत बस कंपनी द्वारा इस कॉरिडोर में लॉलीपॉप लगाए गए। इसके अलावा निरंजनपुर चौराहा से लेकर राजीव गांधी चौराहा तक के इस कॉरिडोर के क्षेत्र में और पास के मोटरव्हीकल लेन के पास वाले क्षेत्र में यूनिपोल लगाए गए थे।


  • इन सारे स्थान पर विज्ञापन से जो कमाई हो रही थी, वह कमाई सिटी बस कंपनी के खाते में जा रही थी। अब समय ने करवट ले ली है। राज्य सरकार के द्वारा प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू कर दी गई है। इस परिवहन सेवा में इंदौर सहित प्रदेश के अलग-अलग शहरों में गठित की गई सिटी बस कंपनी का विलय कर दिया गया है। अब बस कंपनी के संचालक मंडल से नगर निगम के महापौर की भी छुट्टी हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा की गई घोषणा के आधार पर इंदौर का बीआरटीएस कॉरिडोर भी टूट गया है।

    अब इस बदले हुए परिदृश्य में सिटी बस कंपनी की ओर से एक चि_ी नगर निगम को लिखी गई है। इस चि_ी में कहा गया है कि पुराने बीआरटीएस कॉरिडोर वाले क्षेत्र में सिटी बस कंपनी द्वारा 42 यूनिपोल लगाए गए थे। प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए नियम के हिसाब से इसमें से 75 प्रतिशत यूनिपोल का मालिक नगर निगम है और उससे अर्जित होने वाला राजस्व भी उसी का है। इस क्षेत्र में लगाए गए 25 प्रतिशत यूनिपोल सुगम परिवहन सेवा की कंपनी के अधीन रहेंगे और इन यूनिपोल का ठेका भी इस कंपनी द्वारा ही दिया जाएगा। निगम के अपर आयुक्त राजस्व एवं मार्केट आकाश सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से यह पत्र प्राप्त हो गया है। इस पत्र को महापौर परिषद की आगामी बैठक में रखा जाएगा। इस पत्र पर महापौर परिषद की मंजूरी होने के बाद सभी यूनिपोल का बंटवारा होगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि कौन सा यूनिपोल किसके पास रहेगा।

    अभी नहीं है कोई मालिक
    इस समय इन सभी यूनिपोल का कोई मालिक नहीं है। पूर्व में जिस कंपनी को ठेके पर दिए गए थे, उनकी ठेके की अवधि समाप्त हो गई है। इसके बाद भी उनके द्वारा लगातार विज्ञापन इस स्थान पर प्रदर्शित किया जा रहे हैं, जिसके कारण उनकी कमाई भी हो रही है। अभी इन यूनिपोल पर अवैध रूप से विज्ञापन का प्रदर्शन किया जा रहा है।

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