
इंदौर। कुमेड़ी एमआर-10 पर इंदौर विकास प्राधिकरण ने 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च कर अंतरर्राज्यीय बस टर्मिनल यानी आईएसबीटी निर्मित करवाया है और इसके संचालन-संधारण का ठेका भी निजी फर्म को सौंप दिया है। अब 28 अक्टूबर से इस सबसे बड़े बस टर्मिनल पर ट्रायल रन शुरू किया जा रहा है। राजस्थान और गुजरात के लम्बी दूरी मार्गों पर संचालित होने वाली बसों का आवागमन इसी टर्मिनल से होगा और संभवत: मुख्यमंत्री ही इसका लोकार्पण करेंगे।
एयरपोर्ट की तर्ज पर प्राधिकरण ने लगभग 15 एकड़ जमीन पर यह विशाल बस टर्मिनल बनाया है मगर सालभर तक इसका संचालन नहीं किया जा सका, क्योंकि कोई ठेकेदार फर्म ही नहीं आई। पहले प्राधिकरण ने अपने स्तर पर बस टर्मिनल चलाने का निर्णय लिया, उसके बाद टेंडर जारी कर ठेकेदार फर्म की ढुंढाई की। दो बार टेंडर में कोई फर्म नहीं मिली, तब शर्तों में संशोधन करने के बाद पिछली बार ठेकेदार फर्म तैयार हुई। कुछ समय पहले ही प्राधिकरण ने टेंडर शर्तों के मुताबिक शुरुआती राशि जमा कराने और अनुबंध की प्रक्रिया बाद इसका संचालन-संधारण रोक दिया।
यहां निर्मित 40 से अधिक रिटेल दुकानों, 16 बड़े रेस्टोरेंट, फूट आउटलेट के अलावा कार्यालय सहित अन्य व्यवसायिक जगह को भी किराए पर दिया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार फर्म ने टेंडर भी जारी किए हैं। इस बस टर्मिनल को मेट्रो स्टेशन से भी कनेक्टीविटी दी गई है और इसके लिए बस टर्मिनल और स्टेशन के बीच एक छोटा ग्लास का पुल भी बनाया है। इस पर से यात्रियों की आवाजाही सुगमता से हो सकेगी। कल एआईसीटीएसएल सभागार में इस बस टर्मिनल के संचालन को लेकर बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर शिवम वर्मा ने की। बैठक में बस टर्मिनल के संचालन, बसों के आवागमन एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रस्तावित ट्रायल रन के माध्यम से टर्मिनल की संचालन व्यवस्था का परीक्षण हो सकेगा, ताकि इसके भविष्य में सुचारु एवं व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा सकें।
बैठक में संचालित निर्धारित रूट के शहरों को जाने वाली बसों के संचालकों के प्रतिनिधियों ने भी उक्त ट्रायल रन हेतु अपनी मौखिक स्वीकृति दी। बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालिक अधिकारी संदीप केरकेट्टा, स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालिक अधिकारी श्री अर्थ जैन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री प्रदीप शर्मा, यातायात पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कोल प्राधिकारी एवं ए.आय.सी.टी.एस.एल. के वरिष्ठ अधिकारी तथा लंबी दूरी की बसों के संचालक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण ने एक और बस टर्मिनल नए आरटीओ भवन के पास नायतामूंडला में बनवाया है, उसका संचालन-संधारण पहले एआईसीटीएसएल को सौंपा और फिर उसने भी एक निजी ठेकेदार फर्म को दे दिया है।
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