
पहले फर्जी बैंक गारंटी से गुजराती ठगोरी कम्पनी ने किए थे खरीदने के प्रयास
38 वीं बोर्ड बैठक में छप्पन दुकान, पार्किंग सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय
इंदौर। स्मार्ट सिटी कम्पनी (Smart City Company) द्वारा पिछले साल एमओजी लाइन (MOG Lines) की 17 एकड़ (Land) जमीन बेची गई थी, जो कि गुजराती ठगोरी कम्पनी तीर्थ गोपीकॉन ने ली, जो बाद में फर्जी बैंक गारंटी जारी करने के मामले में सीबीआई द्वारा धराई और उसके कर्ताधर्ता जेल पहुंचे। अग्निबाण ने ही इस पूरे मामले का भंडाफोड़ किया, जिसके चलते कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को टेंडर निरस्त करने का निर्णय लेना पड़ा। अब इसी जमीन को 452 करोड़ में पीपीपी मॉडल पर बेचा जाएगा।
कल इंदौर स्मार्ट सिटी डवलपमेंट लिमिटेड की 38वीं बोर्ड बैठक हुई, जिसमें कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता रही और आयुक्त, सहकारी कार्यपालक निदेशक क्षितिज सिंघल, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन, प्राधिकरण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, जिसमें गोपाल मंदिर में गीता भवन कॉम्प्लेक्स जो बनाया है उसके संचालन-संधारण के लिए वार्षिक प्रीमियम आधारित मॉडल पर चयनित की गई एजेंसी को एलओए जारी करने की मंजूरी भी दी गई। दूसरी तरफ एमओजी लाइन में लैंड पार्सल-1 के ब्लॉक 11, जो कि पहले टेंडर के जरिए बेचा गया था। 17 एकड़ जमीन कुक्कुट पालन केन्द्र की स्मार्ट सिटी कम्पनी को मिली है और इसे पहले मेसर्स तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड ने 454 करोड़ रुपए में खरीदा था। बाद में पता चला कि कम्पनी ने अपने कई प्रोजेक्टों में फर्जी बैंक गारंटी का इस्तेमाल किया और हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई द्वारा की गई जांच में यह बात साबित भी हुई, जिसके चलते इसके कर्ताधर्ताओं को जेल भी भेजा गया और स्मार्ट सिटी कम्पनी को ये टेंडर निरस्त करना पड़ा। अब इसी जमीन के लिए 452 करोड़ रुपए का आरक्षित मूल्य तय किया गया है, वहीं छप्पन दुकान में व्यवस्थित पार्किंग संचालन के लिए भी फिर से टेंडर जारी करने का प्रस्ताव बोर्ड ने मंजूर किया।