इंदौर वन वृत्त मण्डल में पहली बार सैटेलाइट कालर आईडी का इस्तेमाल
इन्दौर। वन वृत्त मण्डल इन्दौर (Forest Circuit Division Indore) में पहली बार रेस्क्यू (Rescued) किए गए तेंदुए (Leopard) पर 24 घण्टे नजर रखने के लिए सैटेलाइट (Satellite) कॉलर आईडी (Collar ID) का इस्तेमाल किया गया है। इस तेंदुए का रेस्क्यू ऑपरेशन इंदौर रालामण्डल की रेस्क्यू टीम ने शहर से लगभग 100 किलोमीटर दूर किया था। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद डाक्टर्स की टीम ने तेंदुए का हेल्थ चेकअप किया। बाद में उसकी गर्दन मे सैटेलाइट कालर आईडी लगाकर जंगल में छोड़ दिया गया।
इंदौर और धार डीएफओ सहित रालामण्डल रेस्क्यू टीम ने बताया कि इंदौर वन वृत्त मंडल में रेस्क्यू किए तेंदुए की सुरक्षा और उस पर लगातार नजर रखने लिए पहली बार सैटेलाइट कॉलर आईडी का इस्तेमाल किया है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन रालामण्डल अभयारण्य से लगभग 100 किलोमीटर दूर इन्दौर वृत्त वनमण्डल की सीमा के अंतर्गत धामनोद के जंगलों में गुजरी डेहरिया गांव की बस्ती में किया गया था। वनरक्षक सहित 5 लोगों को घायल कर तेंदुआ पुलिया के नीचे पाइप लाइन में छिपकर बैठ गया था। इंदौर रेस्क्यू टीम के नेतृत्व में धार, बड़वाह के वनकर्मियों की टीम ने पाइप का एक छोर बन्द कर दिया व दूसरे छोर पर पिंजरा लगाया गया। आखिरकार कोशिश कामयाब रही। इसके बाद उसका डाक्टर्स ने हेल्थ चेकअप किया। इंदौर रेस्क्यू टीम के सीनियर लीडर ने बताया कि भोपाल से आई टीम ने उसके गले मे सैटेलाइट कॉलर आईडी लगाकर जंगल में छोडऩे के लिए रवाना कर दिया। इसके बाद खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर के जंगल में छोड़ दिया।