
इन्दौर। कारगिल से लेकर कन्याकुमारी तक के 4200 किलोमीटर के मार्ग पर दौड़ने निकले इंदौर के कार्तिक जोशी कल साढ़े 11 हजार फीट ऊंचे जोर्जिला दर्रे से पास हुए। उन्होंने वहां के हालात बयां कर बताया कि खराब मौसम के बावजूद वे अभी तक नहीं रूके हं। 11575 फीट ऊंचे ज़ोजिला दर्रे पर जहां सांस लेना भी मुश्किल रहता है, वहां दौड़ के पांचवें दिन कार्तिक पहुंचे थे। इंदौर के रहने वाले कार्तिक जोशी 300 किलोमीटर की दूरी तय कर उधमपुर पहुंच चुके हैं। यहां ज़ोजिला दर्रे पर बर्फ, बारिश, फिसलन भरे संकरे रास्ते, लगातार लैंडस्लाइड और खतरनाक पहाड़ी मोड़ों के बीच दौड़कर उन्होंने बता दिया कि कोई भी काम असंभव नहीं हे, अगर उसे दृढ़ निश्चय से किया जाए।
उन्होंने बताया कि कई जगह सड़क इतनी संकरी थी कि एक समय में केवल तरफ का मार्ग ही खोला जा रहा था। मौसम की गंभीर परिस्थितियों के कारण यह दौड़ 28 अप्रैल से शुरू नहीं हो सकी और प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद 2 मई 2026 से मिशन की शुरुआत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर जैसे संवेदनशील हालातों को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बेहद कड़ी रही। कार्तिक जोशी ने कहा कि घाटी में लोगों का प्रेम, सम्मान और अपनापन अभूतपूर्व रहा। जगह-जगह ग्रामीणों, राहगीरों और शहरवासियों ने स्वागत किया, खेतों से ताजे फल, कश्मीरी केसर और कावा पिलाकर हौसला बढ़ाया। अब आज वे पठानकोट की तरफ बढ़ रहे हैं। कार्तिक ने 100 से अधिक ग्रास रूट रनर्स को रनिंग किट फ्री में देने का भी निर्णय लिया है।
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