नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) के कार्यालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। मंत्रालय ने मंत्री के निजी स्टाफ में शामिल तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है। इनमें एक प्राइवेट सेक्रेटरी (PS) और दो एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी (APS) शामिल हैं। इस संबंध में 3 जुलाई को अलग-अलग आधिकारिक आदेश जारी किए गए।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी अमर सिंह को “प्रशासनिक आधार” पर उनके मूल विभाग, राजस्व विभाग, वापस भेज दिया गया है। 2010 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी अमर सिंह को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया।
अमर सिंह वर्ष 2021 से भूपेंद्र यादव के साथ कार्यरत थे। उस समय भूपेंद्र यादव श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे थे। बाद में पर्यावरण मंत्रालय का कार्यभार मिलने पर भी अमर सिंह उनके साथ जुड़े रहे। वर्ष 2024 में उन्हें डिप्टी सेक्रेटरी से पदोन्नत कर डायरेक्टर बनाया गया था।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के रिकॉर्ड के अनुसार, उनका कार्यकाल सितंबर 2026 तक प्रस्तावित था, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई।
मंत्रालय के आदेशों के मुताबिक, एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी शैलेश कुमार सिंह को भी समय से पहले उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से DoPT में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, दूसरे एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी आयुष शरण की नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई। संबंधित आदेश में उन्हें तुरंत कार्यमुक्त करने की बात कही गई है।
इन तीनों अधिकारियों को हटाने के आदेशों की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) समेत संबंधित विभागों को भेजी गई हैं।
हालांकि, इतने बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बावजूद सरकार या पर्यावरण मंत्रालय की ओर से अभी तक इस कार्रवाई के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में अधिकारियों को समय से पहले हटाए जाने की वजह को लेकर फिलहाल केवल अटकलें लगाई जा रही हैं, जबकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved