अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। ट्रस्ट की सोमवार को हुई बैठक में महासचिव चंपत राय (Champat Rai) और ट्रस्टी अनिल मिश्रा (Anil Mishra) के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। इसके साथ ही ट्रस्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत वरिष्ठ ट्रस्टी कृष्ण मोहन (Krishna Mohan) को महासचिव का दायित्व सौंपने का निर्णय लिया है। अब वे नियमित नियुक्ति होने तक ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक करीब तीन घंटे तक चली। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने प्रेस वार्ता में बताया कि अंतरिम व्यवस्था के तहत कृष्ण मोहन को महासचिव का कार्यभार दिया गया है। उन्होंने कहा कि कथित दान चोरी की घटना से पूरा ट्रस्ट आहत है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और वर्तमान में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी कृष्ण मोहन ने अपनी शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने परमाणु ऊर्जा विभाग में की थी, जिसके बाद भारतीय वन सेवा में चयनित हुए और महाराष्ट्र कैडर में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़कर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
सितंबर 2025 में कृष्ण मोहन को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ट्रस्टी नियुक्त किया गया था। उन्हें दिवंगत ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन से रिक्त हुई जगह पर जिम्मेदारी दी गई थी।
विशेष बात यह भी है कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में दर्ज कराई गई शिकायत कृष्ण मोहन की ओर से ही की गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि दान में मिली वस्तुओं की चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो रही है और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बहुमूल्य वस्तुओं के चोरी होने की बात सामने आई है, उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच के बाद अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास सहित सात स्थायी सदस्य मौजूद रहे, जबकि चंपत राय और अनिल मिश्रा बैठक में शामिल नहीं हुए। सुरक्षा कारणों से बैठक का स्थान भी बदला गया और इसे मणिराम दास छावनी के बजाय राम मंदिर परिसर स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित किया गया। आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए और आम वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई।
बैठक से पहले महंत नृत्य गोपाल दास ने भी कथित चोरी की घटना पर दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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