
नई दिल्ली। महिलाओं (Women) के खिलाफ ऑनलाइन अपराध (Online Crime) लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में ऐसे मामलों की संख्या बढ़कर 6,76,019 तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के अनुसार, देश में हर दिन औसतन 370 साइबर अपराध (Cyber crimes) की शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
इन मामलों में सबसे अधिक शिकायतें नकली प्रोफाइल, अश्लील संदेश और पहचान चोरी से जुड़ी हैं, जिनकी संख्या 4,89,790 बताई गई है। खास बात यह है कि अब महिलाएं बिना झिझक ऐसे मामलों की रिपोर्ट कर रही हैं, जिससे शिकायतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021 में साइबर बदमाशी, स्टॉकिंग और अश्लील संदेशों से जुड़े 21,589 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 45,832 हो गए। पिछले पांच वर्षों में इस श्रेणी में कुल 1,89,927 मामले सामने आए।
इसी तरह फर्जी अकाउंट से जुड़े अपराधों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2021 में ऐसे 15,843 मामले थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 46,784 हो गई। पिछले पांच वर्षों में कुल 1,56,371 मामले दर्ज किए गए।
प्रोफाइल हैकिंग और पहचान चोरी के मामलों में भी लगातार वृद्धि देखी गई है। 2021 में 10,650 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2024 में यह संख्या 38,297 और पिछले साल 34,533 रही। इस श्रेणी में कुल 1,43,492 मामले दर्ज हुए हैं।
अन्य प्रमुख ऑनलाइन अपराध
रिपोर्ट के अनुसार, ई-मेल फिशिंग के 7,682 मामले सामने आए हैं। फर्जी अकाउंट के जरिए धोखाधड़ी के 94,036 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, भड़काऊ या गैरकानूनी सामग्री से जुड़े 22,854 मामले भी रिपोर्ट हुए हैं। ईमेल छद्म (इम्पर्सोनेशन) के 2,137 मामले और डराने-धमकाने वाले ईमेल के 1,697 मामले दर्ज किए गए हैं।
ऑनलाइन नौकरी धोखाधड़ी के 53,143 मामले और ऑनलाइन वैवाहिक ठगी के 4,680 मामले भी महिलाओं को प्रभावित करने वाले प्रमुख अपराधों में शामिल हैं।
सरकारी कदम और व्यवस्था
इन बढ़ते मामलों से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की स्थापना की है। इसके तहत NCRP को महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों की तुरंत शिकायत और कार्रवाई के लिए सक्रिय किया गया है।
इसके अलावा पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को साइबर अपराध जांच, फोरेंसिक और अभियोजन से संबंधित ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है। अब तक इस दिशा में 1,42,025 प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। साथ ही साइबर अपराधों पर तेजी से कार्रवाई के लिए एक आधुनिक साइबर धोखाधड़ी शमन केंद्र (CFMC) भी स्थापित किया गया है, जहां विभिन्न एजेंसियां मिलकर काम करती हैं।
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