इंदौर

अब ‘बापू’ के नाम से जाना जाएगा पीपल्याहाना चौराहा


अग्रिबाण के वरिष्ठ पत्रकार स्व. महेन्द्र बापना की आज दूसरी पुण्यतिथि
इन्दौर। इंदौर ही नहीं, प्रदेश के पत्रकारिता जगत में बापू के नाम से जाने जाने वाले महेन्द्र बापना की आज दूसरी पुण्यतिथि है। 2019 में सडक़ दुर्घटना में निधन के बाद तत्कालीन मेयर इन काउंसिल ने पीपल्याहाना चौराहे का नाम बापू के नाम से किए जाने की घोषणा की थी, उस पर स्वीकृति हो गई है। यह चौराहा अब बापू के नाम से जाना जाएगा।

11 फरवरी 2019 को पीपल्याहाना चौराहे के पास ही एक सडक़ दुर्घटना में श्री बापना सबको छोडक़र चले गए थे। पत्रकारिता जगत और विशेषकर अपराध तथा राजनीतिक और स्पॉट रिपोर्टिंग में श्री बापना जाने जाते थे। वे कई समाजसेवी संस्थाओं में भी सक्रिय थे। शहर के हर वर्ग से उनका लगाव था। स्व. बापना के पत्रकारिता और सामाजिक जगत में योगदान को देखते हुए इंदौर नगर निगम की तत्कालीन महापौर मालिनी गौड़ व अन्य भाजपा नेताओं ने पीपल्याहाना चौराहा उनके नाम पर करने और डीआरपी लाइन पर एक सेल्फी पाइंट बनाने की घोषणा की थी। गौड़ के कार्यकाल में ही महापौर परिषद की बैठक में पीपल्याहाना चौराहे का नाम महेन्द्र बापना के नाम पर करने पर सहमति प्रदान की गई और प्रस्ताव पारित हो गया था। इसके बाद पीपल्याहाना चौराहा बापू के चौराहे के नाम से जाना जाएगा। आज श्री बापना की दूसरी पुण्यतिथि है। उनकी पुण्यतिथि पर उनके स्वजनों एवं मित्रगणों द्वारा विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से समाजसेवा के आयोजन रखे गए हैं। आश्रमों में रहने वाले लोगों को भोजन भी करवाया जा रहा है। कुछ धार्मिक आयेाजन भी रखे गए हैं, वहीं उनके भतीजे रितेश बापना द्वारा ‘रहें न रहें हम’ ग्रुप बनाया गया है, जिसके माध्यम से सालभर प्रतिदिन जरूरतमंदों की मदद की जा रही है।

 

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