
गोथेनबर्ग (स्वीडन)। चार देशों की यात्रा पर यूरोप (Europe) गए प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) स्वीडन (Sweden) के समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन (Ulf Kristersson) के निमंत्रण पर इस देश का दौरा भी करेंगे। अपनी विदेश यात्रा के तीसरे चरण में स्वीडन आगमन के बाद पीएम मोदी गोथेनबर्ग में वोल्वो के मुख्यालय भी जा सकते हैं। दोनों देशों के बीच अहम समझौते होने की उम्मीद है।
दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक और साझा मूल्यों पर आधारित
वोल्वो ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कमल बाली ने कहा, पीएम मोदी की यह यात्रा भारत और स्वीडन के संबंधों में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और मील का पत्थर साबित होगा। भारत और स्वीडन के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं, जो दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक और साझा मूल्यों, जैसे पारदर्शिता, विश्वास और समझ पर आधारित हैं।
भारत और स्वीडन के बीच व्यापार
उन्होंने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और घरेलू मांग के साथ-साथ डिजिटल और विनिर्माण क्षेत्रों में मौजूद भारतीय प्रतिभा की क्षमताओं को लेकर स्वीडन बहुत आश्वस्त है। इसका लाभ स्वीडिश कंपनियां उठाना चाहती हैं। कमल बाली के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी का दौरा भारत और स्वीडन के बीच व्यापार के और अधिक अवसर खोलेगा और दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा।’
भारत में वोल्वो के लगभग 5000 कर्मचारी
भारतीय प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर वोल्वो ग्रुप के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) जेन्स होल्टिंगर ने कहा, पीएम मोदी की यात्रा हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। यह स्वीडन और भारत के बीच मजबूत संबंधों को दिखाने का भी अवसर है। वोल्वो ग्रुप पिछले 25 वर्षों से भारत में कार्यरत है… भारत में हमारे लगभग 5,000 सहकर्मी हैं, जो विश्व में हमारा दूसरा सबसे बड़ा अनुसंधान केंद्र है।
भारत भविष्य के लिए एक बेहतरीन मंच
देश में मौजूद अवसरों का जिक्र करते हुए वोल्वो के सीटीओ जेन्स होल्टिंगर ने कहा, ‘हम भारत को भविष्य के लिए एक बेहतरीन मंच के रूप में देखते हैं। हमारा दृढ़ विश्वास है कि भारत एक समृद्ध अर्थव्यवस्था है जिसमें अपार प्रतिभाएं मौजूद हैं।’
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