
इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा (Sajjan Singh Verma) ने इंदौर (Indore) की कथित उपेक्षा को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) पर जमकर हमला बोला। उन्होंने वायरल बताए जा रहे पत्र के बहाने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि ढाई साल तक मंत्री रहने के बाद अब इंदौर की याद आना राजनीतिक मजबूरी को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस में ‘स्लीपर सेल’ को लेकर भी राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे लोगों की पहचान करना जरूरी है।
दरअसल सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि यदि कैलाश विजयवर्गीय को वास्तव में लगता है कि इंदौर की उपेक्षा हो रही है, तो उन्हें मंत्री पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा देकर शहर की आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में दूषित पानी, खराब सड़कें, ट्रैफिक अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार समाधान देने में विफल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि मंत्रिमंडल में उनकी बात नहीं सुनी जाती, तो स्वाभिमान के साथ पद छोड़ देना चाहिए। वर्मा ने पितृ पर्वत और राम मंदिर चंदा विवाद का जिक्र करते हुए भी सरकार पर निशाना साधा। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को चुनौती देते हुए कहा कि एक मंत्री के कथित पत्र ने पूरी भाजपा को असहज कर दिया है और अब देखना होगा कि पार्टी इस पर क्या कार्रवाई करती है।
वही कांग्रेस में ‘स्लीपर सेल’ के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं, बल्कि राहुल गांधी की कही हुई बात है। वर्मा ने कहा कि राहुल गांधी पिछले कई महीनों से संगठन के भीतर मौजूद ऐसे लोगों से सतर्क रहने की बात कह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह केवल मध्य प्रदेश नहीं बल्कि पूरे देश में कांग्रेस के भीतर चर्चा का विषय है। साथ ही उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर जो विवाद खड़ा किया गया, उस पर दिग्विजय सिंह स्वयं अपनी सफाई दे चुके हैं और पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति में समसामयिक विषयों पर ही चर्चा होती है।
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