
इंदौर। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था (Traffic Management) को हाईटेक बनाने के लिए लागू किया गया इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) ऐसे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, जिनकी कोई गलती नहीं है। हाल ही में सिस्टम से लापरवाही के चलते एक व्यक्ति के नाम ऐसा चालान जारी कर दिया गया, जिसकी गाड़ी घटना स्थल पर थी ही नहीं। अब फरियादी दफ्तर के चक्कर काट रहा है, ताकि भूल सुधारी जा सके।
आईटीएमएस कैमरे ने एक दोपहिया वाहन को बिना हेलमेट के चलते रिकॉर्ड किया, लेकिन नंबर प्लेट रीडिंग में एक नंबर की त्रुटि के कारण चालान किसी दूसरी गाड़ी के नंबर पर जनरेट हो गया। हैरानी की बात यह है कि चालान में न सिर्फ वाहन नंबर गलत है, बल्कि वाहन की कंपनी और मालिक भी पूरी तरह अलग है, जो चालान में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
पलासिया पर बिना हेलमेट के एमपी09-यूएक्स-0809 कैद हुई है, जबकि चालान एमपी09-यूएक्स-0909 के नाम पर जनरेट कर दिया गया है। विजयनगर निवासी फरियादी ने बताया कि दोनों दोपहिया की कंपनी तक अलग हैं। जब हम एमटीएच कम्पाउंड स्थित यातायात थाने में आईटीएमएस सेंटर पर पहुंचे और परेशानी बताई तो पहले तो एक टेबल से दूसरे टेबल पर भेज दिया, फिर उन्होंने हमें ही आवेदन देने और हमारी गाड़ी के सारे दस्तावेज प्रस्तुत करने को कह दिया, जबकि ये स्पष्ट है कि वाहन हमारा नहीं है। हमारे वाहन का मॉडल और गलती करने वाले वाहन का मॉडल और कंपनी स्पष्ट रूप से अलग दिख रहा है।
पहले भी आ चुके हैं कई मामले
जहां एक ओर इस सिस्टम को ट्रैफिक सुधार का आधुनिक समाधान बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसी तकनीकी खामियां आम नागरिकों के लिए मुसीबत बन रही हैं। ये पहला मामला नहीं है, जब ऐसी चूक सामने आई हो। पहले भी ऐसे कई मामले हो चुके हैं। दो मामलों में तो दूसरे शहरों से सीएम हेल्पलाइन शिकायत तक हो चुकी है कि उनकी गाड़ी की नंबर प्लेट कोई और वाहन पर यहां लगाकर चलाया जा रहा है और चालान दूसरे शहरों में पहुंचे रहे हैं।
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