
उज्जैन। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय माधव महाविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रथम वर्ष के 2223 नवप्रवेशित विद्यार्थियों की डिजिटल एंट्री लेवल बिहेवियरल संपरीक्षा आयोजित की। विद्यार्थियों ने अपने मोबाइल डिवाइस से इस परीक्षा में हिस्सा लिया।
परीक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों की मानसिक क्षमता, तर्कशक्ति और समस्या सुलझाने की योग्यता को मापना था। गूगल एनालिटिक्स के जरिए विद्यार्थियों की भावनात्मक बुद्धिमत्ता का भी गहराई से विश्लेषण किया गया। अब इस परीक्षा के परिणामों के आधार पर सभी विद्यार्थियों को उन्नत, औसत और धीमी गति से सीखने वाले शिक्षार्थियों के तीन संवर्गों में बांटा जा रहा है। हर छात्र को बेहतरीन शिक्षा मिले, इसके लिए उनकी क्षमता के अनुकूल शिक्षण पद्धतियां विकसित की गई हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह व्यवस्था विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही शोध और नवाचार को भी बढ़ावा देगी, जिससे विकसित भारत 2047 का लक्ष्य अधिक सुदृढ़ होगा। महाविद्यालय के अकादमिक काउंसलिंग बोर्ड की अध्यक्ष और प्राचार्य डॉ. कल्पना सिंह तथा वाणिज्य विषय के वरिष्ठ प्राध्यापक और संयोजक प्रो. चिंतामन सूर्यवंशी की मौजूदगी में आयोजन हुआ। अकादमिक उत्थान के लिए सक्रिय यह बोर्ड अब इस संपरीक्षा के आधार पर एक अनुकूलित मनोमितीय परीक्षण भी कराएगा। इसके बाद शिक्षक-विद्यार्थी मैपिंग की जाएगी। इस कार्य को सफल बनाने में महाविद्यालय की शिक्षक-अभिभावक योजना भी सक्रिय रूप से काम कर रही है।
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