वॉशिंगटन। प्रशांत महासागर क्षेत्र (Pacific Ocean Region) में एक बार फिर भीषण चक्रवाती तूफान (Pacific Ocean Region) का खतरा मंडरा रहा है। सुपर टाइफून (Super Typhoon) बावी तेजी से अमेरिकी क्षेत्र गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह की ओर बढ़ रहा है। मौसम एजेंसियों के अनुसार, इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 280 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है, जिससे इसे कैटेगरी-5 का अत्यंत शक्तिशाली तूफान माना गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
अमेरिकी संयुक्त टाइफून चेतावनी केंद्र (JTWC) के मुताबिक, सुपर टाइफून बावी रविवार को टिनियन और रोता द्वीपों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा था। अनुमान है कि तूफान का केंद्र इन दोनों द्वीपों के बीच से गुजर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अनुकूल समुद्री परिस्थितियों के कारण द्वीपों से टकराने से पहले इसकी ताकत और बढ़ सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान के साथ 280 किलोमीटर प्रति घंटा तक की तेज हवाएं, ऊंची समुद्री लहरें और मूसलाधार बारिश हो सकती है। इससे व्यापक स्तर पर बाढ़, तटीय इलाकों में जलभराव, बिजली व्यवस्था बाधित होने और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मजबूत इमारतों या निर्धारित आश्रय स्थलों में रहें और तूफान पूरी तरह गुजरने तक बाहर निकलने से बचें। राहत एवं बचाव एजेंसियों को भी पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह के लिए आपातकालीन आपदा घोषणा को मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद संघीय एजेंसियां राहत सामग्री, आपदा प्रबंधन संसाधन और अन्य जरूरी सहायता तेजी से उपलब्ध करा सकेंगी।
वहीं, उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह के गवर्नर ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है।
पूर्वानुमानों के अनुसार, उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह से गुजरने के बाद सुपर टाइफून बावी पश्चिम की ओर बढ़ेगा और अगले सप्ताहांत तक ताइवान के आसपास पहुंच सकता है। उस समय इसकी रफ्तार घटकर लगभग 204 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जो इसे कैटेगरी-3 का शक्तिशाली तूफान बनाए रखने के लिए पर्याप्त होगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2026 में यह दूसरा बड़ा सुपर टाइफून है। इससे पहले अप्रैल में आए सुपर टाइफून सिनलाकू ने सैपन सहित उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। उस दौरान बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी और लोगों को पीने के पानी को उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी। ऐसे में प्रशासन इस बार पहले से अधिक सतर्कता बरत रहा है।
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