
मॉरीशस टूरिज्म प्रमोशन अथॉरिटी कल आई इंदौर, मॉरीशस में 56 फीसदी भारतीय मूल के निवासी
इन्दौर। मॉरीशस (Mauritius) अब केवल रेत और समुद्र (Sand and Sea) की अठखेलियों तक सीमित नहीं रह गया है। बीते पांच साल में बढ़े पर्यटन (Tourism) के बाद मॉरीशस ने अपनी चारों दिशाओं में अपनी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों के लिए सुविधाएं जुटाई हैं। कोरोना काल के बाद मॉरीशस में भारतीय पर्यटन (Indian Tourism) 33 फीसदी बढ़ा है। इस साल अब तक बीते साल की तुलना में एक चौथाई भारतीय पर्यटक आ चुके हैं।
बीते साल भारत से गए 75 हजार पर्यटक
मॉरीशस टूरिज्म प्रमोशन अथॉरिटी ने बताया कि साल-दर-साल भारत से वहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बीते साल 2025 में भारत से 75, 808 पर्यटक पहुंचे थे। 2024 में ये आंकड़ा 56,788, 2023 में 54,137 और 2022 में 36,802 था। 2026 में अब तक 20,891 पर्यटक पहुंच चुके हैं। मंदिर और गंगा तलाव जैसे कुछ क्षेत्र हैं, जो भारतीयों को खास पसंद आते हैं। गंगा तलाव में हर साल बड़े स्तर पर महाशिवरात्रि मनाई जाती है। मॉरीशस पर्यटकों को एक महीने का टूरिस्ट वीजा ऑन अराइवल देता है।
बड़े शहरों से कनेक्टिविटी
ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मप्र-छग के चेयरमैन हेमेंद्रसिंह जादौन ने बताया कि मॉरीशस के लिए मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई से कनेक्टिविटी है। बीते कुछ महीने में एशियाई देशों के लिए पर्यटन एकाएक बढ़ा है, जिनमें मॉरीशस भी शामिल है। वहां की संस्कृति, खानपान भारतीय संस्कृति और खानपान से काफी मिलती-जुलती है, इसलिए पर्यटकों को भाषा, खाने से संबंधी कई मामलों में यहां आसानी होती है।
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