
इंदौर। बायपास पर दो महत्वपूर्ण फ्लायओवर पर यातायात शुरू होने से आए दिन लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। कल अर्जुन बड़ौद फ्लायओवर शुरू कर दिया, जिस पर अभी ट्रायल चल रहा है और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और सांसद शंकर लालवानी इस ट्रायल रन के मौके पर मौजूद रहे। वहीं आज से रालामंडल फ्लायओवर पर भी यातायात दौडऩे लगा। सबसे अधिक समस्या अर्जुन बड़ौद फ्लायओवर निर्माण के चलते ही आ रही थी। हालांकि अभी भी नेशनल हाईवे ने काम पूरा नहीं किया और सर्विस रोड पर गड्ढे कायम हैं और कल भी काफी धूल उड़ती रही। 35 करोड़ रुपए की लागत से 1 किलोमीटर लम्बाई का यह 6 लेन का ब्रिज ढाई साल बाद जैसे-तेसे पूरा हुआ है।
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और सांसद शंकर लालवानी ने आज इंदौर-देवास बायपास पर निर्मित अर्जुन बरोदा फ्लायओवर ब्रिज के ट्रायल रन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर फ्लायओवर को आम जनता के लिए खोल दिया गया। सोमवार से दोनों दिशाओं की ओर से नियमित रूप से वाहन संचालन प्रारंभ हो गया है, जिससे सैकड़ों वाहन चालकों और आम जनों को राहत मिलेगी। मंत्री सिलावट ने बताया कि लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से 800 मीटर लंबे फ्लायओवर का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मार्च-अप्रैल में डामरीकरण का कार्य किया गया था, जो अब पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लगभग 70 हजार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ होगा।
फ्लायओवर के प्रारंभ होने से आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों और आम नागरिकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। सिलावट ने कहा कि आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 के दृष्टिगत यह फ्लायओवर क्षेत्र के लिए नींव का पत्थर सिद्ध होगा। साथ ही सर्विस रोड और अप्रोच रोड को भी व्यवस्थित किया गया है, ताकि यातायात निर्बाध रूप से संचालित हो सके। उन्होंने बताया कि अब इस पुल पर करीब 10 से 15 दिन तक ट्रायल रन जारी रहेगा।
ट्रायल सफल होने के बाद डिवाइडर, साइन बोर्ड, रोड मार्किंग और लाइटिंग का कार्य पूरा किया जाएगा, जिससे यातायात और अधिक सुगम व सुरक्षित होगा। इस अवसर श्रवणसिंह चावड़ा, जनपद अध्यक्ष मानसिंह चौहान, विश्वजीतसिंह सिसौदिया, रवि वाजपेई, गोविंद सिंह, जिला पंचायत सदस्य माखन पटेल, सरपंच दिनेश मंगरोले, गिरीश पटेल, महेश मंत्री, चेतन मेहता, महेश सरपंच, राहुलसिंह, मुकेश पटेल, सुखलाल मंसोरे, घनश्याम पटेल, राहुल तथा पंकज सहित सैकड़ों ग्रामवासी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। दूसरी तरफ रालामंडल फ्लायओवर की लागत भी 30 करोड़ रुपए आए और 6 लेन के इस ब्रिज को बनाने में भी ढाई साल का समय नेशनल हाईवे ने लगा दिया और अभी भी कई जगह गड्ढों के साथ कुछ काम बचा है। पिछले दिनों भी फरवरी में ट्रायल के दौरान इस तरह की समस्या सामने आई थी और कुछ जगह तो सरिए भी दिखने लगे थे। अभी भी ब्रिज पर छोटे गड्ढे के साथ मिट्टी के ढेर कल तक लगे थे। अब आज से इस पर भी यातायात शुरू किया गया है। अब एमआर-10 जंक्शन पर भी निर्माणाधीन ब्रिज के शुभारंभ का इंतजार है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved